उत्तरकाशी पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार को लौटाए ₹7.40 लाख, त्वरित कार्रवाई से मिली बड़ी राहत

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को ₹7.40 लाख की पूरी धनराशि वापस दिलाकर बड़ी राहत पहुंचाई है। यह सफलता कोतवाली उत्तरकाशी और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई से संभव हुई।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के उद्देश्य से उत्तरकाशी पुलिस लगातार सक्रिय कार्रवाई कर रही है। जून 2026 में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से ₹7,40,000 की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत प्राप्त हुई थी।
शिकायत मिलते ही कोतवाली उत्तरकाशी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने संबंधित बैंक, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं का गहन विश्लेषण कर त्वरित समन्वय स्थापित किया। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप साइबर ठगी में गई ₹7.40 लाख की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक शिकायतकर्ता के खाते में वापस कराई गई।
पूरी रकम वापस मिलने पर शिकायतकर्ता ने उत्तरकाशी पुलिस एवं साइबर सेल की त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यवाही की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने आमजन से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, वीडियो कॉल या ऑनलाइन संदेश पर बिना सत्यापन भरोसा न करने, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, OTP, CVV, UPI PIN या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने तथा संदिग्ध लिंक, QR कोड और अनधिकृत ऐप से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर या वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो गोल्डन आवर का ध्यान रखते हुए तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि धनराशि वापस मिलने की संभावना अधिकतम हो सके।

