राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, युवाओं के कौशल विकास पर फोकस: डॉ. धन सिंह रावत

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, युवाओं के कौशल विकास पर फोकस: डॉ. धन सिंह रावत
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देहरादून। मुख्य सचिव सभागार में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने किया।

बैठक में विभिन्न विभागों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रगति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि संसाधनों के विकास के बिना NEP-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करना संभव नहीं है। उन्होंने कौशल विकास पाठ्यक्रमों को और अधिक प्रासंगिक बनाने, सामाजिक गतिविधियों को क्रेडिट फ्रेमवर्क में जोड़ने, राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क को पूर्ण रूप से लागू करने, मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम, इंटर्नशिप और अकादमिक-उद्योग संबंधों को मजबूत करने के निर्देश दिए।

डॉ. रावत ने राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए अधिकतम योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कुमाऊं और दून विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर के संस्थान बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने पर बल दिया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि NEP-2020 का उद्देश्य व्यापक है और इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि हर माह टास्क फोर्स की अनिवार्य बैठक आयोजित की जाए।

अपर मुख्य सचिव, वित्त, आनंद बर्धन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सचिव, उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि गैप एनालिसिस के आधार पर संस्थानों के विकास की योजना तैयार की जा रही है।

बैठक में संस्कृत शिक्षा, कृषि शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के संबंधित सचिव, राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, निदेशक उच्च शिक्षा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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