मुजफ्फरनगर गोलीकांड की प्रमुख गवाह एवं राज्य आंदोलनकारी विमला कोटियाल का निधन, आंदोलनकारियों ने जताया शोक

मुजफ्फरनगर गोलीकांड की प्रमुख गवाह एवं राज्य आंदोलनकारी विमला कोटियाल का निधन, आंदोलनकारियों ने जताया शोक
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देहरादून।उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं मुजफ्फरनगर गोलीकांड की प्रमुख गवाह रही विमला कोटियाल (65 वर्ष) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मशांति की प्रार्थना की है।

जानकारी के अनुसार शनिवार देर सायं हृदयाघात के कारण उनका निधन हो गया। उनके बड़े पुत्र केशर कोटियाल ने दूरभाष के माध्यम से इस दुखद समाचार की पुष्टि की।

मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी और प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि विमला कोटियाल ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और मुजफ्फरनगर गोलीकांड मामले में महत्वपूर्ण गवाही देकर आंदोलनकारियों की आवाज को मजबूती प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व ही वह इस मामले में गवाही देकर लौटी थीं तथा राज्य आंदोलनकारियों और गवाहों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय थीं।

प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने बताया कि विमला कोटियाल की मांग थी कि मुजफ्फरनगर गोलीकांड के गवाहों और आंदोलनकारियों की समस्याओं पर सरकार गंभीरता से ध्यान दे। इसी उद्देश्य से उनकी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात भी कराई गई थी, जहां उन्होंने अपनी बात रखी थी। हालांकि उनकी कई मांगें आज भी लंबित हैं, जिसका उन्हें हमेशा मलाल रहा।

राज्य आंदोलनकारी सुलोचना भट्ट, अरुणा थपलियाल और द्वारिका बिष्ट ने कहा कि रुद्रप्रयाग और चमोली क्षेत्रों के अनेक आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण के लिए कठिन संघर्ष किया, लेकिन आज भी कई लोग उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों, शहीद परिवारों और घटना के गवाहों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।

उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने विमला कोटियाल के निधन को राज्य आंदोलन की एक बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। मंच ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

शोक व्यक्त करने वालों में केशव उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, रामलाल खंडूड़ी, प्रदीप कुकरेती, पृथ्वी सिंह नेगी, सतेन्द्र भंडारी, विजय बलूनी, अनुज नौटियाल, हरी सिंह मेहर, सुशील चमोली, मनोज नौटियाल, मोहन रावत, सुमित थापा, विनोद असवाल, सतेन्द्र नौगांई, प्रभात डंडरियाल, गणेश डंगवाल, वेदा कोठारी, राकेश नौटियाल, राजेश पान्थरी, मोहन थापा, सुलोचना भट्ट, पुष्पलता सिलमाणा, राधा तिवारी, द्वारिका बिष्ट, तारा पांडे, राजेश्वरी परमार, शकुन्तला रावत, रामेश्वरी नेगी, अरुणा थपलियाल, कमला कंडारी सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी शामिल रहे।

देवभूमि खबर

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