बेहतर कल के लिए सड़क सुरक्षा महत्वपूर्ण – प्रो. डंगवाल

बेहतर कल के लिए सड़क सुरक्षा महत्वपूर्ण – प्रो. डंगवाल
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देहरादून।दून विश्वविद्यालय में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के बारे में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जनाक्रोश संगठन के श्री जसबीर बर्त्वाल ने जनाक्रोश संस्था के उद्देश्यों एवं समाज में उनके द्वारा संपादित किए जा रहे विभिन्न जनकल्याण कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी साझा की।

इस अवसर पर इस संस्था के संयोजक श्री विनोद असवाल ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सड़क पर आवागमन के समय यातायात के नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा हम सबका उद्देश्य होना चाहिए। समाज में आए दिन बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएँ विचलित करने वाली हैं, इसलिए युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और साथ ही समाज को जागरूक करने में आगे आएं।

इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने अपने संदेश में कहा कि युवाओं को ट्रैफिक नियमों का पालन तो करना ही चाहिए, साथ ही वाहन चलाते समय गति पर ध्यान देना आवश्यक है। आज सीमा से अधिक गति में चल रहे वाहनों के कारण पैदल चलने वाले नागरिकों को भी असुरक्षा महसूस होती है और कई बार अत्यधिक गति भीषण दुर्घटनाओं का कारण बनती है। कुलपति ने कहा कि हमारे विद्यार्थी सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने साथ-साथ समाज को भी जागरूक करेंगे।

ज्ञात हो कि जनाक्रोश नागपुर स्थित एक अखिल भारतीय गैर-सरकारी संगठन है, जो वर्ष 2012 से बेहतर कल के विजन के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के लिए काम कर रहा है। इस कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट एवं एनएसएस बैच-2 के विद्यार्थियों के साथ जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया गया। इस अवसर पर मनोवैज्ञानिक अंजलि असवाल ने छात्रों को सड़क सुरक्षा के सुनहरे नियमों और प्रमुख सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार ड्राइवरों के मनोविज्ञान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से हमें विश्वास है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी और सड़कों पर वाहनों से होने वाली मृत्यु दर घटेगी।

इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एच.सी. पुरोहित, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वैशाली, मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश भट्ट, शोध छात्र धीरज कुमार सहित एनएसएस एवं एनसीसी के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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