9 लाख रोजगार का दावा झूठा, सरकार जारी करे श्वेत पत्र : रघुनाथ सिंह नेगी
बेरोजगार दर-दर की ठोकरें खा रहे, प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े भी गुमराह करने वाले
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश सरकार के 9.31 लाख लोगों को रोजगार देने के दावे को झूठ का पुलिंदा करार दिया है और सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किन लोगों को और किस क्षेत्र में रोजगार दिया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने घंटाघर पर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को भी अपने आंकड़ों में जोड़ दिया है।
नेगी ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक मंदी और उद्योगों की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। कई फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं। ऐसे में सरकार का यह दावा पूरी तरह से भ्रामक है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में युवाओं को ठेका प्रथा के तहत अस्थायी रोजगार दिया जाता है, जिसमें वे महीने में सिर्फ 10-12 दिन ही काम कर पाते हैं। स्थायी रोजगार की बात तो बहुत दूर है। सरकार को चाहिए कि वह बंद हो रही फैक्ट्रियों और संकटग्रस्त उद्योगों की निगरानी कराए।
नेगी ने सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के दावे पर भी सवाल उठाए। सरकार का कहना है कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2.75 लाख हो गई है, लेकिन जब कृषि, उद्योग, रोजगार और मत्स्य-पालन जैसे क्षेत्रों में लगातार गिरावट आ रही है, तो फिर यह आय कैसे बढ़ गई? आज शिक्षित और उच्च शिक्षित युवा मामूली वेतन वाली नौकरियों के लिए भटक रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि सरकार ने कौन सा रोजगार उपलब्ध कराया है?
मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया को भी बिना प्रमाणिक दस्तावेजों के सरकारी आंकड़ों को प्रकाशित करने से बचना चाहिए। सही तथ्य उजागर करना ही पत्रकारिता का असली धर्म है।
पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार और दिलबाग सिंह मौजूद रहे।

