मामा-भांजे की खतरनाक साजिश: 25 लाख हड़पने के लिए की बुजुर्ग की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार
देहरादून। जल्दी पैसा कमाने के लालच में मामा-भांजे की जोड़ी ने खनन विभाग से सेवानिवृत्त बुजुर्ग की हत्या कर उनकी 25 लाख की जमा पूंजी हड़पने की साजिश रची। रायपुर पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को देहरादून और सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस अपराध को अंजाम दिया। उन्होंने पहले बुजुर्ग के विश्वास को जीता, फिर धीरे-धीरे उनकी आर्थिक जानकारी जुटाई और आखिरकार हत्या की साजिश रची। पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों अभियुक्तों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी ने कहा कि ऐसे मामलों में सतर्कता बेहद जरूरी है। अगर कोई अजनबी या नया परिचित बुजुर्गों से असामान्य रूप से घुल-मिल रहा हो या उनकी वित्तीय जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा हो, तो परिवार और पड़ोसियों को सतर्क रहना चाहिए। पुलिस इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, 68 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश मूल रूप से रायबरेली (उत्तर प्रदेश) के निवासी थे और देहरादून में किराए पर रहते थे। आरोपियों में से मोहित त्यागी (भांजा) ई-रिक्शा चालक है, जिसकी मुलाकात चार साल पहले बुजुर्ग से हुई थी। धीरे-धीरे उसने बुजुर्ग से नजदीकियां बढ़ाईं और उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई।
मोहित ने अपने मामा प्रवीण त्यागी को इस साजिश में शामिल किया और बुजुर्ग को इलाज के बहाने देवबंद (सहारनपुर) ले गया। वहां उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर बुजुर्ग की हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने बुजुर्ग का सिम कार्ड निकालकर अपने मोबाइल में डाल लिया और उनके बैंक खाते से 13 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
पुलिस ने आरोपी मोहित त्यागी को देहरादून से और प्रवीण त्यागी को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 4.8 लाख रुपये नकद, 3.5 लाख रुपये का चेक, 5 लाख की एफडी और मृतक का सिम कार्ड बरामद किया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी मृतक के रिश्तेदारों से कटे होने का फायदा उठाना चाहते थे और पूरी रकम हड़पने की योजना बना रहे थे। आरोपियों पर हत्या, अपहरण, धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

