उत्तराखंड में वनाग्नि नियंत्रण के लिए बनेगी रणनीति, 7 जनपदों में लागू होगी Forest Fire Risk Management योजना
देहरादून। डॉ. धनंजय मोहन, प्रमुख वन संरक्षक (HoFF), उत्तराखंड की अध्यक्षता में “Mitigation Scheme for Forest Fire Risk Management” को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर प्रमुख वन संरक्षक, वानाग्नि एवं आपदा प्रबंधन श्री निशांत वर्मा द्वारा इस योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के एनडीएमए द्वारा इस योजना के तहत उत्तराखंड राज्य के 7 संवेदनशील जनपदों — पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं अल्मोड़ा — का चयन किया गया है। इन जनपदों में वनाग्नि नियंत्रण व प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु कार्य किया जाएगा।
वन विभाग के प्रयासों से इस योजना का Preliminary Project Report (PPR) तैयार कर 21 अप्रैल 2025 तक एनडीएमए को प्रेषित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में वनाग्नि नियंत्रण हेतु मौजूद चुनौतियों का समाधान करना है, जिससे वन क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं को रोका जा सके और संवेदी जनपदों में Mitigation एवं Response Capability को मजबूत किया जा सके।
राज्य सरकार व वन विभाग के समन्वय से यह योजना उत्तराखंड के जंगलों की सुरक्षा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

