मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल के समर्थन में उतरा मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ , अवैध संयुक्त कर्मचारी संघ को बताया षड्यंत्रकारी
देहरादून।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) कर्मचारी संघ (मान्यता प्राप्त) ने एक बार फिर संयुक्त कर्मचारी संघ (गैर मान्यता प्राप्त) को अवैध और भ्रामक बताते हुए उनके पत्राचार और बयानबाज़ी को एक सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है।
कर्मचारी संघ ने प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की है। पत्र में साफ़ किया गया है कि मंदिर समिति में केवल मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ को ही वैधानिक अधिकार प्राप्त हैं, जिसकी मान्यता 24 दिसंबर 2021 को शासनादेश द्वारा दी गई थी।
संघ ने आरोप लगाया कि कुछ अस्थायी कर्मियों के नाम पर एक अवैध समूह “संयुक्त कर्मचारी संघ“ बनाकर सोशल मीडिया और अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है। मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल के खिलाफ दिये गए आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।
मुख्य कार्याधिकारी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए संघ ने बताया कि उन्होंने कर्मचारियों को एसीपी लाभ, पदोन्नति, वेतन विसंगतियों का समाधान, और नियमितिकरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए हैं। तीर्थ पुरोहितों ने भी थपलियाल द्वारा मंदिर हित में किए गए कार्यों की प्रशंसा की है।
संघ का कहना है कि चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच यह अवैध संगठन अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहा है, जिससे मंदिर समिति की छवि धूमिल हो रही है।
मुख्य सचिव से अपील की गई है कि ऐसे पत्रों को संज्ञान में न लिया जाए और स्वार्थवश समिति के नाम पर राजनीति कर रहे कर्मचारियों की सेवा जांच और उचित कार्रवाई की जाए।



