उत्तराखण्ड में पहली बार सीबीडीसी के माध्यम से कृषकों को मिलेगा अनुदान, विभागीय मंत्री जोशी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज कैंप कार्यालय में मिशन एप्पल एवं कीवी मिशन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री जोशी को अवगत कराया कि 06 मार्च, 2025 को हुई 8वीं सामान्य बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में मिशन एप्पल और कीवी मिशन के अंतर्गत कृषकों को दी जाने वाली अनुदान राशि अब डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इसके लिए ‘अपुणि सरकार’ पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें उद्यान विभाग के सभी कार्मिकों की लॉगिन आईडी तैयार कर दी गई है और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
विशेष बात यह है कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जहाँ योजना के अंतर्गत अनुदान वितरण सीबीडीसी (Central Bank Digital Currency) के माध्यम से किया जाएगा। यह पोर्टल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) तथा संबंधित बैंकों के सहयोग से उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद द्वारा विकसित किया जा रहा है और यह अंतिम चरण में है। योजना में प्रोग्रामेबल सीबीडीसी (PCBDC) के माध्यम से लाभार्थी कृषक को कार्य के प्रारंभ में ही अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे केवल चिन्हित कार्यदायी संस्थाओं अथवा प्रमाणित पौधशालाओं के माध्यम से ही उपयोग किया जा सकेगा।
विभागीय मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद द्वारा की जा रही तैयारियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन्हें इस प्रणाली के विकास की प्रगति की साप्ताहिक जानकारी दी जाए तथा कृषकों के हित में ऐसे नवाचार लगातार किए जाएं। उन्होंने बताया कि अगस्त माह के अंत तक प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी इस पोर्टल का लोकार्पण करेंगे। मंत्री जोशी ने कहा कि इस नई प्रणाली के लागू होने से योजना की समस्त प्रक्रियाएं—आवेदन, अनुमोदन, भुगतान—पूरी तरह पेपरलेस हो जाएंगी, और यह पारदर्शिता, त्वरित क्रियान्वयन तथा बजट के समुचित उपयोग की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
बैठक में मिशन निदेशक महेन्द्रपाल एवं उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र यादव भी उपस्थित रहे।

