प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी जांच के लिए विशेष अभियान, छह जिलों से होगी शुरुआत: डॉ. धन सिंह रावत
देहरादून।प्रदेश सरकार गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित मातृत्व को सुनिश्चित करने के लिए शत-प्रतिशत अल्ट्रासोनोग्राफी जांच कराने हेतु विशेष अभियान चलाएगी। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि अभियान के पहले चरण में छह पर्वतीय जनपदों में विशेष रूप से अल्ट्रासाउंड कवरेज बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। यह अभियान 15 अप्रैल तक संचालित किया जाएगा।
मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। गर्भावस्था के दौरान समय पर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच न केवल गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य का आकलन करने में भी सहायक होती है। इसी उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों को शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत 18 सप्ताह या उससे अधिक गर्भकाल वाली उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने अभी तक वर्तमान गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं कराई है। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं तथा चिकित्सकों द्वारा दोबारा यूएसजी कराने की सलाह दी गई महिलाओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत माइक्रोप्लान तैयार कर अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी यूएसजी केंद्रों, उपलब्ध रेडियोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम बनाकर ड्यूटी रोस्टर तैयार करने को कहा गया है, ताकि समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पात्र गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं सहित अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही एएनएम, आशा और स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लाभार्थियों को समय पर सूचना देकर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. रावत ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को अभियान की नियमित निगरानी करने, जिला और ब्लॉक स्तर पर दैनिक समीक्षा करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
