विश्व रंगमंच दिवस पर दून विश्वविद्यालय में ‘सावित्रीबाई फुले’ नाटक का प्रभावशाली मंचन

विश्व रंगमंच दिवस पर दून विश्वविद्यालय में ‘सावित्रीबाई फुले’ नाटक का प्रभावशाली मंचन
Spread the love

देहरादून। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर दून विश्वविद्यालय एवं दून घाटी रंगमंच, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय नाट्य समारोह के अंतिम दिन प्रसिद्ध नाटक “सावित्रीबाई फुले” का सफल मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन डॉ. अजीत पंवार द्वारा किया गया।

कुलपति ने नाट्य समारोह के सफल आयोजन एवं प्रभावशाली मंचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी कलाकारों, आयोजकों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।

यह नाटक सावित्रीबाई फुले के संघर्षमय जीवन, उनके अदम्य साहस और अटूट संकल्प की प्रेरणादायी गाथा को मंच पर साकार करता है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने की उनकी जिजीविषा इस प्रस्तुति का मुख्य विषय रही।

नाटक में भावनात्मक दृश्यों ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। विशेष रूप से ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई के बीच प्रस्तुत पत्रों ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

मुख्य पात्रों में सावित्री की भूमिका में अनुपमा, ज्योति के रूप में अंजेश कुमार, ससुर की भूमिका में राजेश भारद्वाज, पिता के रूप में संजय वशिष्ठ, तथा अन्य भूमिकाओं में अनन्या, जानवी, साची, सरिता बहुगुणा, विनीत पवार, गजेन्द्र रावत, जय शंकर और भाविक पटेल ने महत्वपूर्ण अभिनय किया।

इस अवसर पर प्रो. सुरेखा डंगवाल, श्री दुर्गेश डिमरी, प्रो. एच.सी. पुरोहित, प्रो. हर्ष डोभाल, प्रो. आर.पी. ममगाई, डॉ. कैलाश कंडवाल, श्रीश डोभाल सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

Related articles