ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा, STF ने पंजाब से आरोपी दबोचा
देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर संगठित साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैंग के एक सदस्य को लुधियाना, पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देश के कई राज्यों में साइबर धोाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।
मामला देहरादून के कौलागढ़ रोड निवासी ONGC से रिटायर्ड एक वरिष्ठ नागरिक से जुड़ा है, जिनसे साइबर ठगों ने निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर ₹1 करोड़ 87 लाख 64 हजार की ठगी कर ली। शिकायतकर्ता ने 15 अप्रैल 2026 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को Aditya Birla Sun Life AMC का अधिकृत कर्मचारी बताकर व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के माध्यम से संपर्क किया। पीड़ित को “L103-ABSL The Group of Wisdom” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां फर्जी ट्रेडिंग स्क्रीनशॉट, लाभ और निवेश से जुड़ी गतिविधियां दिखाकर भरोसा जीतने की कोशिश की गई। बाद में उसे VIP ग्रुप में जोड़कर कथित SEBI रजिस्टर्ड हाई नेट वर्थ ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से निवेश कराने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर ठगों ने नकली ट्रेडिंग डैशबोर्ड और मनगढ़ंत मुनाफा दिखाकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग खातों में बड़ी रकम जमा करवाई। कुछ समय बाद ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में BNS की धारा 318(4), 61(2) और IT Act की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF के निर्देशन में साइबर टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा का विश्लेषण कर आरोपी सुखराज पुत्र निर्मल सिंह निवासी लुधियाना, पंजाब को चिन्हित किया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने साइबर ठगी की रकम को हड़पने के लिए केवल दो महीने पहले बैंक खाता खुलवाया था, जिसमें कुछ ही दिनों में करीब 18 लाख रुपये का अवैध लेनदेन हुआ।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और गुजरात सहित कई राज्यों में भी शिकायतें दर्ज हैं। STF टीम अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
STF ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पीड़ित के लगभग 40 लाख रुपये होल्ड कर सुरक्षित करा लिए गए हैं, जिन्हें जल्द वापस कराने की प्रक्रिया जारी है।
गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक राजेश सिंह, उपनिरीक्षक कुलदीप टम्टा और अपर उपनिरीक्षक गोपाल सिंह शामिल रहे।
STF ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर निवेश न करें, अपने बैंक खाते, OTP, ATM या UPI PIN किसी से साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध निवेश ऑफर की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

