उत्तराखण्ड में श्रमिकों को पड़ोसी राज्यों से अधिक न्यूनतम वेतन : श्रम विभाग

उत्तराखण्ड में श्रमिकों को पड़ोसी राज्यों से अधिक न्यूनतम वेतन : श्रम विभाग
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देहरादून। उत्तराखण्ड श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है को राज्य में श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन समीपवर्ती राज्यों की तुलना में अधिक है। विभाग ने कहा कि श्रमिकों को लेकर सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या के समाधान के लिए सीधे श्रम विभाग से संपर्क करें।


श्रम विभाग के अनुसार अप्रैल 2026 में इंजीनियरिंग एवं नॉन-इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए न्यूनतम वेतन और वी.डी.ए. घोषित किया जा चुका है। उद्योगों को निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, बोनस और अन्य वैधानिक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध कराई जाएं।

विभाग ने बताया कि उत्तराखण्ड में अकुशल श्रमिकों के लिए ₹13,800, अर्द्धकुशल के लिए ₹15,100 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹16,900 न्यूनतम वेतन निर्धारित किया गया है, जो कई पड़ोसी राज्यों से अधिक है।

श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिदिन ₹781 न्यूनतम वेतन संबंधी जो सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, वे राज्य के सभी उद्योगों पर लागू नहीं हैं। यह प्रावधान केंद्र सरकार के अधीन कुछ उपक्रमों के लिए निर्धारित किया गया है।

श्रम आयुक्त कार्यालय हल्द्वानी में 24×7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। श्रमिक अपनी शिकायतें दूरभाष नंबर 05946-282805 पर दर्ज करा सकते हैं।

विभाग ने श्रमिकों से औद्योगिक शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा किसी भी शिकायत के लिए संबंधित सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय से संपर्क करने की अपील की है।

देवभूमि खबर

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