राज्य आंदोलनकारियों में रोष, 29 मई को डीएम कार्यालय घेराव का ऐलान
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक शहीद स्मारक में आयोजित हुई, जिसमें राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण प्रक्रिया में हो रही देरी तथा चयनित अभ्यर्थियों को सेवायोजन में लाभ न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। बैठक का संचालन पूरण सिंह लिंगवाल एवं अध्यक्षता सुलोचना भट्ट ने की।
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, पूर्व राज्य मंत्री धीरेन्द्र प्रताप एवं द्वारिका बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा और शासनादेश जारी होने के बावजूद अब तक चिन्हीकरण प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सात माह बीत जाने के बाद भी जिलों में प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे राज्य आंदोलनकारियों एवं शहीद परिजनों में आक्रोश व्याप्त है।
प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, महासचिव रामलाल खंडूड़ी एवं सुरेन्द्र रावत ने कहा कि शासन स्तर से जिलों को चिन्हीकरण एवं समिति को अधिकार संपन्न बनाने के स्पष्ट निर्देश अब तक नहीं दिए गए हैं। उन्होंने इसे आंदोलनकारियों की उपेक्षा बताया।
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने घोषणा की कि 29 मई को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई जाएगी।
अध्यक्षीय संबोधन में सुलोचना भट्ट ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच राज्य आंदोलनकारियों के हितों और राज्यहित से जुड़े मुद्दों के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।
बैठक में केशव उनियाल, धीरेन्द्र प्रताप, भगवती सेमवाल, ललित भद्री, कमल किशोर डिमरी, गणेश डंगवाल, प्रताप पंवार, सुरेश नेगी, मोहन रावत, मनोज नौटियाल, यशोदा रावत, राधा तिवारी, चन्द्रकिरण राणा, पुष्पा रावत, सुशील चमोली, सुधीर नारायण शर्मा, दुर्गा ध्यानी, विवेक बलोदी सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

