काशीपुर में एसटीएफ का बड़ा एक्शन: फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में 4 अवैध हथियार, 237 कारतूस और 7 फर्जी लाइसेंस बरामद
देहरादून।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के निर्देश पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और ऊधमसिंहनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए काशीपुर में एक बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कटोराताल क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ द्वारा काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान एक स्विफ्ट कार से एक 12 बोर पम्प एक्शन बंदूक, एक .22 बोर सेमी ऑटोमैटिक राइफल, एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर रिवॉल्वर, चार मैगजीन, 237 जिंदा कारतूस तथा सात कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए। बरामद वाहन और शस्त्र काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल तथा दीप्ति अग्रवाल से संबंधित बताए गए हैं, जिनके खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ के अनुसार 4 जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी मामले की जांच के दौरान गोपनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए यह बड़ी बरामदगी की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि राज्यभर में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों की जांच लगातार जारी है। अब तक तीन अभियोग दर्ज कर पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है तथा कई अवैध हथियार और फर्जी लाइसेंस बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में हथियारों का उपयोग करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और ऐसे लोग अभी भी स्वेच्छा से अपने हथियार पुलिस के समक्ष सरेंडर कर सकते हैं।
एसटीएफ ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस की जानकारी हो तो वह तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाले ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

