उत्तराखण्ड ने रचा इतिहास, पहली बार ट्राउट मछली का अंतरराष्ट्रीय निर्यात शुरू, 12 हजार से अधिक मत्स्य पालकों को मिलेगा लाभ

उत्तराखण्ड ने रचा इतिहास, पहली बार ट्राउट मछली का अंतरराष्ट्रीय निर्यात शुरू, 12 हजार से अधिक मत्स्य पालकों को मिलेगा लाभ
Spread the love

पिथौरागढ़। उत्तराखण्ड ने मत्स्य क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार रेनबो ट्राउट मछली का अंतरराष्ट्रीय निर्यात शुरू कर दिया है। राज्य से 5 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की पहली खेप नेपाल के लिए रवाना की गई, जिसे पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह उत्तराखण्ड के मत्स्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इससे राज्य के 12 हजार से अधिक मत्स्य पालकों के लिए वैश्विक बाजारों के नए अवसर खुलेंगे और पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन आधारित आजीविका को नई मजबूती मिलेगी।

निर्यात की जा रही रेनबो ट्राउट मछली पिथौरागढ़ जनपद के धारचूला क्षेत्र के बूंग-बूंग और सिर्खा तथा मुनस्यारी के नामजला क्षेत्र में उत्पादित की गई है। इस पहल से संबंधित सहकारी समितियों और मत्स्य उत्पादकों को लगभग 23 लाख रुपये की प्रत्यक्ष आय प्राप्त होने का अनुमान है।

यह सफलता दुबई में आयोजित गुलफूड एक्सपो के दौरान स्थापित अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संपर्कों का परिणाम है। एक्सपो में उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक खरीदारों के साथ संवाद स्थापित कर राज्य के मत्स्य उत्पादों के लिए नए बाजारों की संभावनाएं तैयार की थीं, जिसका पहला परिणाम अब निर्यात के रूप में सामने आया है।

मत्स्य विभाग ने इस निर्यात को सफल बनाने के लिए हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग और परिवहन कार्यों हेतु 5.40 लाख रुपये की गैप फंडिंग उपलब्ध कराई। वहीं प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत रेफ्रिजरेटेड वाहन के माध्यम से पूरी आपूर्ति श्रृंखला में कोल्ड-चेन बनाए रखी गई, जिससे मछली की गुणवत्ता और ताजगी सुरक्षित रही।

मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड की उच्च गुणवत्ता वाली ट्राउट मछली अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखती है। नेपाल को शुरू हुआ यह निर्यात राज्य के मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य दिलाने के साथ भविष्य में अन्य देशों के बाजारों तक पहुंच का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

मत्स्य विभाग के अनुसार अगले छह महीनों में नेपाल को लगभग 30 मीट्रिक टन ट्राउट मछली निर्यात करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि पिथौरागढ़ जनपद अकेले भी इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आईटीबीपी और एसएसबी जैसी सुरक्षा एजेंसियों को लगभग 45 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति कर दो करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया जा चुका है। वहीं विकसित विपणन एवं आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 155 करोड़ रुपये का मत्स्य विपणन हो रहा है। विभाग का विश्वास है कि ट्राउट मछली का यह पहला निर्यात राज्य के मत्स्य क्षेत्र को आत्मनिर्भरता, आधुनिक विपणन व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

देवभूमि खबर

Related articles