चाई ग्रामोत्सव 2026: उत्तराखंड की ग्रामीण सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की एक अनूठी पहल

पौड़ी उत्तराखंड के पर्वतीय गांवों की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय चाई ग्रामोत्सव 2026 का समापन 24 जून 2026 को पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों, एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने ग्रामीण समाज और पारंपरिक पर्वतीय संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। पौड़ी गढ़वाल जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लैंसडाउन के निकट स्थित चाई गांव इस आयोजन का केंद्र रहा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि जैहरीखाल ब्लॉक प्रमुख श्री रणवीर सिंह सजवाण ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक आत्मा गांवों में बसती है और देश का विकास ग्रामीण विकास के बिना संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे पलायन को रोका जा सकेगा और ग्रामीण समाज आत्मनिर्भर बन सकेगा।
श्री सजवाण ने कहा कि चाई ग्रामोत्सव ने जैहरीखाल विकासखंड को पूरे उत्तराखंड में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने चाई गांव स्थित सामुदायिक केंद्र के आसपास आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं के विकास हेतु ब्लॉक प्रशासन की ओर से सहयोग का आश्वासन भी दिया।
विशिष्ट अतिथि एवं समाजसेवी श्री किशोर जदली ने इस महोत्सव को हिमालयी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि जहां उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एक गंभीर चुनौती बना हुआ है, वहीं चाई ग्रामोत्सव ग्रामीण पुनर्जीवन का एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। उनके अनुसार यह आयोजन न केवल गांवों को बचाने में सहायक है, बल्कि स्थानीय परंपराओं, संस्कृति और सामुदायिक मूल्यों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर चाई ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान श्री अशोक बुड़ाकोटी, मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री जगमोहन बुड़ाकोटी, श्री दीपक बुड़ाकोटी तथा श्री शेखर बुड़ाकोटी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जगमोहन बुढाकोटी ने की, जबकि तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान मंच संचालन का दायित्व डॉ. पद्मेश बुड़ाकोटी ने सफलतापूर्वक निभाया।
समाचार एजेंसियों, डिजिटल मंचों और सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए महोत्सव से संबंधित समाचारों का समन्वय समाजशास्त्री देवेंद्र कुमार बुड़ाकोटी द्वारा किया गया।
इससे पूर्व, चाई ग्रामोत्सव के सत्रहवें संस्करण में लोक कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं की समृद्ध झलक देखने को मिली। भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने गढ़वाल क्षेत्र की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। प्रसिद्ध लोकगायक सुशील स्नेहवाल और धर्मेंद्र रावत ने अपनी मधुर भजन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं विद्यालयी बच्चों और युवा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों को दर्शकों ने भरपूर सराहना दी।
महोत्सव का समापन पारंपरिक पूजा-अर्चना, हवन तथा सामूहिक भंडारे के साथ हुआ। इन आयोजनों ने सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और उत्तराखंड की ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के सामूहिक संकल्प को और अधिक सुदृढ़ किया।

