22 नवंबर को देहरादून में ऐक्टू का विशाल प्रदर्शन, आशा कार्यकर्ता होंगी शामिल

Spread the love

गदरपुर। ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन का गदरपुर ब्लॉक सम्मेलन विर्क पैलेस में आयोजित किया गया। सम्मेलन में आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने तथा उनके श्रम के शोषण पर रोक लगाने की मांग उठाई गई। सम्मेलन में ब्लॉक की नई कमेटी का गठन भी किया गया। साथ ही आगामी 22 नवंबर को ऐक्टू द्वारा देहरादून में प्रस्तावित विशाल प्रदर्शन में आशा कार्यकर्ताओं की पूरी ताकत के साथ भागीदारी का निर्णय लिया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य विभाग के जमीनी स्तर के महत्वपूर्ण कार्य आशा कार्यकर्ताओं से कराती हैं। इसके बावजूद उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए श्रम कानूनों में भी आशा कार्यकर्ताओं को श्रमिक के रूप में मान्यता नहीं मिलने से वे न्यूनतम वेतन सहित कई अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं समेत श्रमिक वर्ग को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला सचिव रीता कश्यप ने कहा कि ऐक्टू के नेतृत्व में यूनियन ने आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं और मांगों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि संगठन और एकजुट संघर्ष के माध्यम से ही आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन दिलाने की मांग को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सकता है।

जिला अध्यक्ष ममता पानू ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उन्हें न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के खिलाफ मजबूत संगठन और व्यापक एकजुट संघर्ष की आवश्यकता है।

जिला उप सचिव अनीता अन्ना ने कहा कि देशभर में लाखों महिला योजना कर्मी सरकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 12 हजार से अधिक आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं और उन पर लगातार नए कार्यों का बोझ डाला जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ढांचे की कमियों का जिम्मा भी कई बार आशा कार्यकर्ताओं पर डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अपनी यूनियन और एकता के बल पर ही आशा कार्यकर्ता अपने शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद कर सकती हैं।

सम्मेलन में 13 सदस्यीय ब्लॉक कमेटी का गठन किया गया। इसमें काजल मिस्त्री को ब्लॉक अध्यक्ष, सरिता कश्यप को उपाध्यक्ष, काजल मिस्त्री को सचिव, लक्ष्मी देवी को कोषाध्यक्ष और पूजा को उपसचिव चुना गया। इसके अलावा निधि, प्रेमलता, सुरेंद्र कौर, कला राणा, प्रीति रस्तोगी, फातिमा, देवेंद्र कौर और राधा को कार्यकारिणी में शामिल किया गया।

सम्मेलन में बाजपुर ब्लॉक कोषाध्यक्ष जीत कौर, सपना भट्ट, गौरी विश्वास, हेमा बिष्ट, तारा भट्ट, नाजरा बी, जसविंदर कौर, पूर्व जिला सचिव कुलविंदर कौर सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

देवभूमि खबर

Related articles

शुक्रवार की परेड में जवानों संग दौड़ीं एसएसपी श्वेता चौबे, परखी शारीरिक दक्षता  टिहरी गढ़वाल। पुलिस बल की शारीरिक दक्षता, अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन चंबा के परेड मैदान में साप्ताहिक परेड आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे ने स्वयं परेड में शामिल होकर पुलिस अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया।  परेड के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वयं दौड़ में प्रतिभाग किया और उनकी शारीरिक दक्षता परखी। वरिष्ठ अधिकारी को जवानों के बीच मैदान में सक्रिय रूप से भाग लेते देखकर पुलिस कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि पुलिस कर्मियों को किसी भी समय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करनी पड़ सकती है।  साप्ताहिक परेड में पुलिस कर्मियों ने अनुशासित मार्च, ड्रिल, शस्त्र संचालन और विभिन्न शारीरिक दक्षता संबंधी अभ्यास किए। एसएसपी ने शस्त्र प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि पुलिस कर्मियों को शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, संचालन और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी उपयोग में लगातार दक्ष बनाया जाए।  पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण की भी एसएसपी ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों से आउटडोर और इंडोर प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी ली तथा प्रशिक्षण को पुलिस ड्यूटी से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों में अनुशासन, कानून की जानकारी, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, जनता के साथ बेहतर व्यवहार और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।  परेड के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन चंबा परिसर का निरीक्षण कर व्यायामशाला, परिवहन शाखा, भोजनालय, प्रशिक्षण कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस लाइन में स्वच्छता बनाए रखने, भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने, पुलिस वाहनों की नियमित फिटनेस एवं रख-रखाव, व्यायामशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित एवं प्रभावी रखने के निर्देश दिए।  एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों को नियमित व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटना, आपदा, बचाव अभियान, भीड़ प्रबंधन और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में शारीरिक क्षमता, मानसिक सजगता और टीम भावना प्रभावी पुलिसिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

शुक्रवार की परेड में जवानों संग दौड़ीं एसएसपी श्वेता चौबे, परखी शारीरिक दक्षता टिहरी गढ़वाल। पुलिस बल की शारीरिक दक्षता, अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन चंबा के परेड मैदान में साप्ताहिक परेड आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे ने स्वयं परेड में शामिल होकर पुलिस अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया। परेड के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वयं दौड़ में प्रतिभाग किया और उनकी शारीरिक दक्षता परखी। वरिष्ठ अधिकारी को जवानों के बीच मैदान में सक्रिय रूप से भाग लेते देखकर पुलिस कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि पुलिस कर्मियों को किसी भी समय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करनी पड़ सकती है। साप्ताहिक परेड में पुलिस कर्मियों ने अनुशासित मार्च, ड्रिल, शस्त्र संचालन और विभिन्न शारीरिक दक्षता संबंधी अभ्यास किए। एसएसपी ने शस्त्र प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि पुलिस कर्मियों को शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, संचालन और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी उपयोग में लगातार दक्ष बनाया जाए। पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण की भी एसएसपी ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों से आउटडोर और इंडोर प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी ली तथा प्रशिक्षण को पुलिस ड्यूटी से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों में अनुशासन, कानून की जानकारी, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, जनता के साथ बेहतर व्यवहार और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। परेड के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन चंबा परिसर का निरीक्षण कर व्यायामशाला, परिवहन शाखा, भोजनालय, प्रशिक्षण कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस लाइन में स्वच्छता बनाए रखने, भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने, पुलिस वाहनों की नियमित फिटनेस एवं रख-रखाव, व्यायामशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित एवं प्रभावी रखने के निर्देश दिए। एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों को नियमित व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटना, आपदा, बचाव अभियान, भीड़ प्रबंधन और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में शारीरिक क्षमता, मानसिक सजगता और टीम भावना प्रभावी पुलिसिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।