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ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगी राहत, नुकसान का सर्वे तत्काल पूरा करने के निर्देश

ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगी राहत, नुकसान का सर्वे तत्काल पूरा करने के निर्देश
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देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए फसलों के नुकसान का सर्वे तत्काल पूरा करने और राहत राशि के भुगतान से संबंधित सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किसानों को राज्य सरकार की ओर से आपदा मानकों के समान अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय अधिकारी सर्वे और भुगतान से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाएं।

बैठक में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों में इन फसलों के उत्पादन की अच्छी संभावनाएं हैं। किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी योजनाओं का निर्धारित समयसीमा में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मौन पालन के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को मौन पालन से जोड़ने, आवश्यक प्रशिक्षण देने और विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने को कहा।

 

उन्होंने फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना को अधिकतम स्तर तक बढ़ाने, पॉलीहाउस निर्माण में तेजी लाने और प्रदेश में परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जाना चाहिए।

बैठक में एरोमा क्षेत्र की संभावनाओं पर जोर देते हुए कृषि मंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में लैवेंडर और डेंडेलाइन जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुगंधित फसलों की खेती से किसानों की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। इसके लिए अधिक से अधिक किसानों को इस क्षेत्र से जोड़ते हुए नवाचार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि एवं उद्यान विभाग की सभी योजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी निष्ठा और मनोयोग से कार्य करें, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे और प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

बैठक में महानिदेशक कृषि एवं उद्यान डॉ. आनंद श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान डॉ. आर.के. सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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