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दून विश्वविद्यालय के ओपन एयर थिएटर में ‘से यस टू एंटरटेनमेंट, नो टू ड्रग्स’ अभियान का भव्य आयोजन

दून विश्वविद्यालय के ओपन एयर थिएटर में ‘से यस टू एंटरटेनमेंट, नो टू ड्रग्स’ अभियान का भव्य आयोजन
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देहरादून। दून विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संकाय (स्कूल ऑफ मैनेजमेंट – SOM) तथा नशा मुक्ति एवं मादक द्रव्य रोकथाम प्रकोष्ठ (एंटी-ड्रग सेल) के संयुक्त तत्वावधान में आज विश्वविद्यालय के ओपन एयर थिएटर में ‘से यस टू एंटरटेनमेंट, नो टू ड्रग्स’ (मनोरंजन को हाँ, नशे को ना) शीर्षक से एक विशाल सांस्कृतिक एवं युवा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। युवाओं की ऊर्जा को कलात्मक अभिव्यक्ति और स्वस्थ मनोरंजन की ओर मोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस दो घंटे के कार्यक्रम में 600 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की।

दून विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संकाय (स्कूल ऑफ मैनेजमेंट – SOM) तथा नशा मुक्ति एवं मादक द्रव्य रोकथाम प्रकोष्ठ (एंटी-ड्रग सेल) के संयुक्त तत्वावधान में आज विश्वविद्यालय के ओपन एयर थिएटर में ‘से यस टू एंटरटेनमेंट, नो टू ड्रग्स’ (मनोरंजन को हाँ, नशे को ना) शीर्षक से एक विशाल सांस्कृतिक एवं युवा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। युवाओं की ऊर्जा को कलात्मक अभिव्यक्ति और स्वस्थ मनोरंजन की ओर मोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस दो घंटे के कार्यक्रम में 600 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की।

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्र कोरियोग्राफर एवं आयोजक अभिषेक थारू तथा प्रमुख आयोजन सदस्य सोमेश के समन्वय में तैयार की गई भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। मुक्ताकाशी मंच पर 50 छात्र कलाकारों ने ऊर्जावान समूह एवं एकल प्रस्तुतियाँ देकर क्षेत्रीय लोक विरासत और आधुनिक धुनों का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत किया। इस सांस्कृतिक मंचन में गढ़वाली, कुमाऊँनी, हिमाचली और नेपाली लोक नृत्यों के साथ-साथ शास्त्रीय एवं आधुनिक फ्यूजन का प्रभावी तालमेल देखने को मिला, जिसने यह स्पष्ट संदेश दिया कि रचनात्मक सृजनशीलता ही भटकाव और अस्वास्थ्यकर आदतों का सबसे सशक्त विकल्प है।

​उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रबंधन अध्ययन संकाय की विभागाध्यक्ष एवं एंटी-ड्रग सेल की नोडल अधिकारी प्रो. रीना सिंह ने कहा कि युवाओं के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए मात्र उपदेश या निषेध नहीं, बल्कि सक्रिय सांस्कृतिक सहभागिता आवश्यक है:
​”नशे की लत खालीपन और भटकाव में पनपती है। आज हमारे इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह सिद्ध करना है कि असीम ऊर्जा, उत्साह और सामाजिक जुड़ाव का सबसे सशक्त माध्यम संगीत, लय, रंगमंच और रचनात्मक अभिव्यक्ति है। जब विद्यार्थी अपनी ऊर्जा को खेलकूद, शिक्षा और कला के क्षेत्र में लगाते हैं, तो वे एक ऐसा मनोवैज्ञानिक संबल प्राप्त करते हैं जो उन्हें मादक पदार्थों को दृढ़ता से ‘ना’ कहने का आत्मबल देता है।”

​इसके उपरांत संकायाध्यक्ष (डीन) प्रो. एच.सी. पुरोहित ने खचाखच भरे ओपन एयर थिएटर में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को नशा मुक्ति की औपचारिक ई-शपथ (E-Pledge) दिलाई। एक स्वर में 600 से अधिक विद्यार्थियों ने परिसर को नशा मुक्त रखने, तनाव के समय सहपाठियों का सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल विश्वविद्यालय के सहायता प्रकोष्ठ को देने का संकल्प लिया। प्रो. पुरोहित ने युवा नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जब जागरूकता का संदेश स्वयं विद्यार्थियों द्वारा संचालित होता है, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है।

​इस अवसर पर संकाय सदस्य डॉ. प्राची पाठक, डॉ. प्रियंक सिंह, डॉ. सरिता सिंह, डॉ. आबशार अब्बासी, डॉ. अंकित नागर, सुश्री कृतिका, सुश्री तनुजा, श्री प्रदीप चौहान तथा श्री सूरज रावत सहित विभिन्न विभागों के छात्र प्रतिनिधि सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

​कार्यक्रम का समापन मुख्य कोरियोग्राफर व आयोजक अभिषेक थारू, प्रमुख आयोजन सदस्य सोमेश एवं प्रतिभागी छात्र कलाकारों के सम्मान के साथ हुआ। इसके साथ ही दून विश्वविद्यालय ने राज्य एवं राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियानों के अंतर्गत एक सुरक्षित, सकारात्मक और स्वस्थ परिसर वातावरण के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

देवभूमि खबर

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