मोरी ने जमकर हुई ओलावृष्टि के चलते खेतों में खड़ी गेंहू, मटर और अन्य नकदी फसलों को नुकसान
उत्तरकाशी। जिले के सीमांत ब्लॉक मोरी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि ने किसान-बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। क्षेत्र में जमकर हुई ओलावृष्टि के चलते खेतों में खड़ी गेंहू, मटर और अन्य नकदी फसलों के अलावा सेब बगीचों में आयी फ्लोरिंग भी झड़ गई। खेती-बागवानी पर निर्भर प्रभावित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से फसलों को बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के एवज में उचित मुआवजे देने की मांग की है। मोरी ब्लॉक के आराकोट बंगाण, नैटवाड़ व सांकरी क्षेत्र में गत सोमवार सांय को जमकर ओलावृष्टि हुई। इससे क्षेत्र के बंगाण,पींगल पट्टी सहित नैटवाड़, सांकरी आदि क्षेत्र देर सांय क्षेत्र में सेब की फ्लावरिंग को भारी नुकसान हुआ है। बंगाण क्षेत्र के बागवान मनमोहन सिंह,दीवान सिंह,उदय प्रताप राणा,जनक सिंह, प्रह्लाद सिंह,राजपाल सिंह आदि ने बताया कि अप्रैल प्रथम सप्ताह से अंतिम सप्ताह तक सेब फ्लावरिंग का सबसे उतम समय होता है। लेकिन बैमौसमी बारिशव ओलावृष्टि ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। इससे सेब के पेड़ो पर आई प्लोरिंगग, कोंपले व फूल नष्ट हो गए हैं। जिस पर सेब बागवानों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने व बागवानों के हित मे उचित कार्यवाही की मांग की है। वहीं दूसरी ओर मौसम की बेरूखी नगदी फसल मटर पर भी भारी पड़ रही है। कोरोना महामारी के चलते किए गए लॉकडाउन के कारण फसल मंडी तक नही पहुंच पा रही है। इससे किसानों को मुनाफा तो दूर खेतों में लगी लागत निकालना भी मुस्किल हो रखा है। क्या कहते हैं अधिकारी मोरी क्षेत्र में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए तहसीलदार मोरी व राजस्व उपनिरीक्षकों की टीम को आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

