जीने का संवैधानिक अधिकार और आमजन के उपभोक्ता अधिकारों का हनन विषय पर सेमिनार का आयोजन

जीने का संवैधानिक अधिकार और आमजन के उपभोक्ता अधिकारों का हनन विषय पर सेमिनार का आयोजन
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देहरादून । राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर संयुक्त नागरिक संगठन तथा अखिल भारतीय उपभोक्ता समिति देहरादून द्वारा तस्मिया एकैडमी इंदर रोड पर जीने का संवैधानिक अधिकार और आमजन के उपभोक्ता अधिकारों का हनन विषय पर सेमिनार का आयोजन संयुक्त रूप से किया गया।अध्यक्षता ब्रिगेडियर केजी बहल और संचालन अमरजीत सिंह भाटिया ने किया

इस अवसर पर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित स्पेक्स संस्था के संस्थापक डॉ बृजभूषण शर्मा का इनके द्वारा उपभोक्ताओं के हितों के लिए किए गए प्रशंसनीय प्रयासों के लिए सामूहिक अभिनंदन भी किया गया। वक्ताओं ने कहा आज पीने का पानी, दैनिक उपभोग के खाद्य पदार्थों, फलों,मसालो, सब्जियों ,दूध आदि सभी मिलावट से सरोबार हैं शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। वायु तक प्रदूषित है और सांसो में जहरीली गैस घुलती है। प्रदूषण का कारण बने वाहनों के अंबार, सड़कों पर उड़ती धूल के गुब्बार, ध्वनि प्रदूषण आदि से आम जनजीवन कुप्रभावित हुआ है। जिम्मेदार सभी सरकारी विभाग,अधिकारी,शासन प्रशासन जनहित की उपेक्षा कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि अपनी मस्ती में मस्त हैं। हमें पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बढ़ते हुए कंक्रीट के जंगलों को रोकना होगा। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ों की हत्याओं पर रोक लगानी होगी। आम जन के जीने के अधिकारों के हनन को रोकना सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ सरकार की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

वक्ताओं में डॉ मुकुल शर्मा, सुशील त्यागी, उमा सिसोदिया, बृजमोहन शर्मा, डॉक्टर सुजाता पाल, ब्रिगेडियर केजी बहल, जगमोहन मेंदीरत्ता, जितेंद्र डडोना, एडवोकेट राज गीता शर्मा, प्रदीप कुकरेती आदि शामिल थे।

देवभूमि खबर

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