होमगार्ड जवानों को निकाल बाहर करने की गुस्ताखी न करे सरकार : रघुनाथ सिंह नेगी
#सचिवालय में तैनात होमगार्ड जवानों का है मामला। #जवानों को हक देने के बजाय सरकार चला रही चाबुक। #कहीं गृह विभाग के मुखिया के इशारे पर तो नहीं हो रही कार्यवाही।
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा सचिवालय में तैनात 309 होमगार्ड्स जवानों को निकाल बाहर करने के लिए जिस प्रकार शासन में तेजी से पत्रावली मूवमेंट कर रही है, सरकार की मानसिकता दर्शाने के लिए काफी है। काश !ऐसी तेजी सरकार ने जनहित के मुद्दों पर जनता/ कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए की होती।
नेगी ने कहा कि लगभग 20- 21 वर्ष से (वर्तमान में) मात्र 15- 20 हजार रुपए में सचिवालय में कर्मठता के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे जवानों को सरकार से अपना हक मांगना नागवार गुजर रहा है। जवानों द्वारा पूर्व में अपनी मांगों को लेकर कई बार याचना की गई, लेकिन इंसाफ/ हक न मिलने के चलते उनके द्वारा मा. न्यायालय की शरण ली गई, जोकि सरकार को बहुत ज्यादा खटक गई । नेगी ने कहा कि होमगार्ड्स, गृह विभाग के अंतर्गत आता है तथा गृह विभाग के मुखिया स्वयं मुख्यमंत्री हैं; ऐसे में किसके इशारे पर यह कार्रवाई हो रही है ! अगर हो रही है तो मा. मुख्यमंत्री इनको न्याय दिलाने के बजाय क्यों शोषण करने में लगे हैं।
नेगी ने कहा कि विधायक/ मंत्री/ मुख्यमंत्री तो अपने हक में रातों-रात विधेयक ले आते हैं, लेकिन जब इन गरीब जवानों को कुछ देने की बात आती है तो इनकी छाती पर सांप लौटने लगते हैं तथा कई तरह की अड़च इनके रास्ते में पैदा की जाती है| मोर्चा सरकार को आगाह करता है कि इनको इनका हक दें तथा उत्पीड़न बंद करें।
पत्रकार वार्ता में- भीम सिंह बिष्ट ,मुकेश पसबोला एवं शुभम सकलानी मौजूद थे।

