सैनिक कभी भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनपर्यन्त सैनिक ही रहता है” : मुख्यमंत्री धामी

सैनिक कभी भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनपर्यन्त सैनिक ही रहता है” : मुख्यमंत्री धामी
Spread the love

रिपोर्ट – ललित जोशी

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल से दूर रिजर्व पुलिस बल कैंप मुख्यालय हल्द्वानी में आयोजित पूर्व अर्धसैनिक बलों के सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके परिजनों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से अरुणाचल तक अर्धसैनिक बलों के वीर जवानों ने हर मोर्चे पर अदम्य साहस, साहसिक नेतृत्व और समर्पण के साथ देश की सेवा की है। तिरंगे की शान को बढ़ाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सैनिक कभी ‘भूतपूर्व’ नहीं होता, वह जीवनपर्यन्त सैनिक ही रहता है। “आप सभी भूतपूर्व नहीं बल्कि अभूतपूर्व हैं,” उन्होंने जोर देकर कहा। उन्होंने बताया कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिकों तथा उनके परिवारों की भावनाओं, चुनौतियों और संघर्षों को नजदीक से समझते हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत की कोई कीमत नहीं होती और राज्य सरकार का दायित्व है कि उनके परिजनों को किसी भी स्थिति में कठिनाई न आने पाए।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि अर्द्धसैनिक बलों और शहीदों के परिजनों के सम्मान व कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। वहीं अशोक चक्र, कीर्ति चक्र एवं शौर्य चक्र से अलंकृत वीरों की पुरस्कार राशि और वार्षिक अनुदान में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। शहीदों की स्मृति में नए स्मारक एवं शहीद द्वारों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है तथा इस वर्ष 10 वीर बलिदानियों की स्मृतियों में नए स्मारकों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही शहीदों के परिजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजन की व्यवस्था भी लागू है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेना का आधुनिकीकरण तेज गति से हुआ है और भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनते हुए विश्व के अनेक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है। “ऑपरेशन सिंदूर” ने स्वदेशी हथियारों और तकनीक की क्षमता को वैश्विक स्तर पर सिद्ध किया है।

प्रदेश की सुरक्षा और सामाजिक समरसता पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध बसावट, लैंड जिहाद और अन्य आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराई गई है तथा 550 से अधिक अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है। समान नागरिक संहिता, कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-रोधी कानून और भू-कानून लागू करने से प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि भी है, और यहां की संस्कृति, गौरव, परंपरा और धरोहर की रक्षा करना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ कार्य करते हुए उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अर्द्धसैनिक बलों और उनके परिवारों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, विधायक श्री राम सिंह कैड़ा, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, रेनू अधिकारी, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सीआरपीएफ के डीआईजी शंकर दत्त पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, पूर्व अर्द्धसैनिक संगठन उत्तराखंड के अध्यक्ष एस.एस. कोटियाल, सेवानिवृत्त आईजी एम.एल. वर्मा, एच.आर. सिंह, भानु प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

Related articles