HTML tutorial
HTML tutorial

1.70 करोड़ के अवैध कारोबार का खुलासा, फर्जी लाइसेंस बनाकर हथियारों को वैध बनाने का खेल बेनकाब

1.70 करोड़ के अवैध कारोबार का खुलासा, फर्जी लाइसेंस बनाकर हथियारों को वैध बनाने का खेल बेनकाब
Spread the love

देहरादून/रुद्रपुर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके मास्टरमाइंड सतानन्द शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी और कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तैयार कर बड़ी संख्या में लोगों को उपलब्ध कराने तथा इसके बदले करोड़ों रुपये की अवैध कमाई करने का आरोप है। एसटीएफ जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी के बैंक खाते में इस अवैध कारोबार से करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है।

एसटीएफ के अनुसार मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” अभियान और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की सत्यता की जांच की जा रही है। इसी क्रम में काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान फर्जी लाइसेंस नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि शाहजहांपुर निवासी सतानन्द शर्मा फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कराने का मुख्य सरगना है।

एसटीएफ ने आरोपी को 23 जून को रुद्रपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने शाहजहांपुर के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत कुछ लोगों की मिलीभगत से पुराने यूआईएन नंबरों का दुरुपयोग कर फर्जी लाइसेंस ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कराए। इसके बाद इन लाइसेंसों के आधार पर हथियारों को वैध दर्शाने का प्रयास किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने ऊधमसिंह नगर में सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और अन्य लोगों के माध्यम से बड़ी संख्या में फर्जी लाइसेंस बनवाए। आरोपी के बैंक खातों में विभिन्न लोगों से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। एसटीएफ अब उन सभी लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने इस नेटवर्क के माध्यम से लाइसेंस बनवाए।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। एसटीएफ ने अब तक 14 अवैध शस्त्र, जिनमें दो ऑटोमैटिक पम्प एक्शन गन, दो रायफल, नौ पिस्टल और एक रिवॉल्वर शामिल हैं, के साथ 355 जिंदा कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।

उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में हथियार रखने वाले लोग एसटीएफ के रडार पर हैं। ऐसे लोग स्वेच्छा से अपने हथियार और लाइसेंस पुलिस के समक्ष सरेंडर कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा इनके खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

गिरफ्तार आरोपी सतानन्द शर्मा के खिलाफ पूर्व में गाजियाबाद और शाहजहांपुर में धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना है।

देवभूमि खबर

Related articles