निवेश के नाम पर ₹69.90 लाख की साइबर ठगी करने वाला आरोपी ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार

निवेश के नाम पर ₹69.90 लाख की साइबर ठगी करने वाला आरोपी ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार
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देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर टीम ने निवेश के नाम पर ₹69.90 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मुनिन्द्र भाटी पुत्र रविन्द्र भाटी, मूल निवासी ग्राम रौनी अस्तौली, नोएडा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रॉन-1 स्थित एचआईजी अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ रह रहा था।

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायतकर्ता हनी सिंह पत्नी संदीप, निवासी देहरादून ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने निवेश के नाम पर उनके साथ ₹69,90,000 की ऑनलाइन धोखाधड़ी की। शिकायत के अनुसार फेसबुक पर आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड से संबंधित निवेश विज्ञापन के माध्यम से संपर्क किया गया और बाद में उन्हें व्हाट्सऐप समूह में जोड़कर अधिक लाभ का लालच दिया गया। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों में धनराशि जमा कराई गई।

शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 23/2026, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत अभियोग दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देश पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून की टीम गठित की गई।

विवेचना के दौरान साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों, उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि कोटक बैंक के एक खाते में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित ₹10 लाख की धनराशि प्राप्त हुई थी। बैंक खाते और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी के गौतमबुद्धनगर में होने की जानकारी मिली।

पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी की तलाश की। जांच में पता चला कि वह अपने मूल पते पर नहीं रह रहा था और परिवार के साथ ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रॉन-1 स्थित एचआईजी अपार्टमेंट में रह रहा था। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर मुनिन्द्र भाटी को गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ के अनुसार साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को निवेश के नाम पर अधिक लाभ का लालच देकर ठगी की जा रही थी। ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था। इसी क्रम में आरोपी मुनिन्द्र भाटी के कोटक बैंक खाते में ₹10 लाख की धनराशि प्राप्त हुई थी। पूछताछ में आरोपी उक्त धनराशि के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। पुलिस के अनुसार आरोपी से उसके अन्य साथियों और साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक आईफोन-13 मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, एक आधार कार्ड और कोटक बैंक का एक खाली चेक बरामद किया है। मोबाइल फोन एवं बैंक खाते से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

एसटीएफ साइबर टीम में निरीक्षक देवेन्द्र नवियाल, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून, उपनिरीक्षक मुकेश चन्द, हेड कांस्टेबल दिनेश पालीवाल और कांस्टेबल नितिन रमोला शामिल रहे।

एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता, मोबाइल, ओटीपी, बैंकिंग विवरण अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। निवेश के नाम पर अधिक लाभ का लालच देने वाले संदिग्ध प्रस्तावों से सावधान रहें। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करें।

देवभूमि खबर

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