हरिद्वार में मखाना खेती की शुरुआत: कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किया रोपण, किसानों को मिलेगा नया विकल्प
हरिद्वार। उत्तराखण्ड में कृषि के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत मखाना खेती की औपचारिक शुरुआत हो गई है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने लक्सर क्षेत्र के गंगदासपुर बालावाली में मणिगाछी एफपीओ द्वारा शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ करते हुए स्वयं मखाना रोपण किया।
यह पहली बार है जब बिहार की एक संस्था के सहयोग से उत्तराखण्ड में मखाना की खेती शुरू की गई है। इस अवसर पर मंत्री ने इसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए संस्था के प्रयासों की सराहना की।
कृषि मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया गया है, जो 11 राज्यों में इस उद्योग को आधुनिक और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 2025-26 से 2030-31 तक 476 करोड़ रुपये की योजना के तहत अनुसंधान, बीज उत्पादन, कौशल विकास, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उत्तराखण्ड को 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से किसानों को प्रशिक्षण, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही प्रदर्शन प्लॉट भी विकसित किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 143.16 लाख रुपये की कार्ययोजना को भी मंजूरी दी है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य को औद्यानिकी प्रदेश के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सेब की सघन बागवानी, मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में उद्यान विभाग के अधिकारियों, संस्था के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी रही। मंत्री ने विश्वास जताया कि मखाना खेती से प्रदेश के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर उद्यान विभाग से बागवानी निदेशक महेन्द्र पाल, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, संस्था के अध्यक्ष राजीव रंजन, डॉ. प्रेम कुमार, अजय पैनोली, अनुज प्रधान, दीपक सैनी, अजय शर्मा, कृष्णपाल चौहान, बाबूराम सहित बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।

