30 जून तक खत्म होंगे शिक्षकों और कर्मचारियों के सभी अटैचमेंट, मिड-डे मील गड़बड़ियों की भी होगी जांच: डॉ. धन सिंह रावत

Spread the love

देहरादून। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रहे शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अटैचमेंट को समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को 30 जून तक सभी प्रकार के अटैचमेंट खत्म कर शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में भेजने के आदेश दिए हैं। साथ ही अन्य कार्यालयों में तैनात शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सम्बद्धीकरण आदेश भी निरस्त किए जाएंगे।

डॉ. रावत ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में मानव संसाधनों के प्रभावी उपयोग और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई शिक्षक और कर्मचारी वर्षों से अपने मूल तैनाती स्थल से दूर कार्यरत हैं, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर मूल विद्यालय में वापस न लौटने वाले शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी विशेष प्रशासनिक या शैक्षणिक आवश्यकता के तहत यदि सम्बद्धीकरण किया भी जाता है तो उसकी अवधि एक शैक्षणिक सत्र से अधिक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।

मिड-डे मील योजना में अनियमितताओं की जांच के आदेश
डॉ. धन सिंह रावत ने माध्यान भोजन (मिड-डे मील) योजना में कथित गड़बड़ियों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश भी जारी किए हैं। उन्होंने हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के रामनगर व हल्द्वानी, पौड़ी जिले के कोटद्वार तथा देहरादून जिले के डोईवाला, रायपुर, विकासनगर और सहसपुर ब्लॉकों के विद्यालयों में योजना के संचालन की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें छात्र संख्या के मुकाबले अधिक खाद्यान्न दर्शाने तथा खाद्यान्न प्राप्ति और वास्तविक खपत में अंतर जैसी गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देवभूमि खबर

Related articles