55 लाख की साइबर ठगी में पंजाब से एक आरोपी गिरफ्तार, फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज और सेबी सलाहकार बनकर लगाया था चूना

देहरादून। एसटीएफ उत्तराखण्ड ने 55.50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए पंजाब के फाजिल्का से एक साइबर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम में से छह लाख रुपये जमा हुए थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते के विरुद्ध साइबर अपराध से संबंधित छह अन्य शिकायतें दर्ज हैं।
पंडितवाड़ी, देहरादून निवासी चुन्नी लाल अग्निहोत्री ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने उन्हें “एसबीएसबीएल कम्युनिटी/वीआईपी कम्युनिटी” नामक व्हाट्सऐप समूह में जोड़ा। आरोपियों ने स्वयं को सेबी पंजीकृत सलाहकार बताते हुए फर्जी ट्रेडिंग कक्षाओं, डीमैट खाते तथा नकली सीडीएसएल और एनएसडीएल दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें विश्वास में लिय
इसके बाद अलग-अलग तिथियों में विभिन्न बैंक खातों में कुल 55 लाख 50 हजार रुपये जमा कराए गए और उनके साथ साइबर धोखाधड़ी की गई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 56/2025, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई।
विवेचना के दौरान ठगी की धनराशि के लाभार्थी बैंक खातों की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनी ट्रेल खंगाली। इसी दौरान सुखवीर सिंह उर्फ सूक्कू की संलिप्तता सामने आई। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई धनराशि में से छह लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में जमा हुए थे।
एसटीएफ टीम ने पंजाब में दबिश देकर फाजिल्का क्षेत्र से 26 वर्षीय सुखवीर सिंह उर्फ सूक्कू पुत्र चिमन सिंह, निवासी शहीद भगत सिंह नगर, चक मन्नेवाला, नियर नूर्समंद दरगाह, थाना सिटी जलालाबाद, जिला फाजिल्का, पंजाब को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते के विरुद्ध साइबर अपराध से संबंधित छह अन्य शिकायतें भी दर्ज पाई गई हैं। एसटीएफ द्वारा मामले में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक जगमोहन राणा और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे।
एसटीएफ उत्तराखण्ड ने आमजन से अपील की है कि किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, मोबाइल, ओटीपी, बैंकिंग विवरण अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। निवेश के नाम पर अधिक लाभ का लालच देने वाले संदिग्ध प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
