ऑपरेशन ‘प्रहार’ में STF की बड़ी कार्रवाई, 15 म्यूल खाते चिन्हित, करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा

ऑपरेशन ‘प्रहार’ में STF की बड़ी कार्रवाई, 15 म्यूल खाते चिन्हित, करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा
Spread the love

देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ ने ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत म्यूल बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य में संचालित 15 संदिग्ध खातों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की है। साथ ही 80 से अधिक खातों का सत्यापन किया गया है, जबकि करीब 2200 संदिग्ध म्यूल खातों को रडार पर लिया गया है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन एवं एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 12 टीमें गठित कर व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, बैंक अभिलेखों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कई खातों में संदिग्ध लेनदेन पाए गए।
प्रमुख मामले में एक बैंक खाते से जुड़ी ₹1.53 करोड़ की साइबर ठगी के संबंध में 28 शिकायतें सामने आई हैं। अन्य खातों में भी लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए हैं। इस संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन, नौकरी या अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम और नेट बैंकिंग सुविधाएं हासिल करते थे। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम को प्राप्त करने और ट्रांसफर करने में किया जाता था।
पुलिस ने इस गिरोह के दो प्रमुख एजेंटों—दानिश अंसारी (29 वर्ष) और अंकित एन्थोनी (32 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है, जबकि कई खाताधारकों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

कार्रवाई के दौरान 2 मोबाइल फोन, 3 बैंक पासबुक और 4 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में अपना बैंक खाता, एटीएम या केवाईसी विवरण किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। लालच में आकर खाता किराए पर देना भी अपराध है।

संदेह होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। साथ ही लोगों को फर्जी कॉल, सोशल मीडिया विज्ञापन और अनजान वेबसाइट्स से सतर्क रहने को कहा गया है।

देवभूमि खबर

Related articles