नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर नहीं

नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर नहीं
Spread the love

नई दिल्ली ।केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी, 2025 को संसद में केन्द्रीय बजट 2025-26 पेश किया। उनके बजट भाषण में मध्यमवर्ग, किसानों, एमएसएमई, निवेश और निर्यात को प्रमुखता दी गई। 1 लाख रूपए तक प्रति माह की औसत आय पर कोई आय कर नहीं लगेगा, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों की आय और खपत में वृद्धि होगी। वेतनभोगी करदाताओं को नई कर व्यवस्था में 12.75 लाख रुपए तक कोई आयकर नहीं देना होगा।

बजट में विकास के चार इंजन—कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात को मजबूती देने पर जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से 1.7 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे, जिसमें 100 निम्न उत्पादन वाले जिलों को शामिल किया जाएगा। अरहर, उड़द व मसूर की आत्मनिर्भरता के लिए “दालों में आत्मनिर्भरता मिशन” शुरू किया जाएगा। संशोधित ब्याज योजना के तहत केसीसी के माध्यम से 5 लाख तक का लोन दिया जाएगा।

वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसे 2026 तक 4.4 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। एमएसएमई को गारंटी के साथ दिए जाने वाले ऋण को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किया गया। ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए लघु, मध्यम और वृहद उद्योगों को शामिल कर राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन शुरू किया जाएगा।

शिक्षा क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उत्कृष्टता केंद्र के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बैंकों से ऋण में वृद्धि सहित पीएम स्वनिधि योजना के तहत 30 हजार रूपए की सीमा के साथ यूपीआई लिंक्ड क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जाएगी। गिग वर्करों को पहचान पत्र दिया जाएगा और पीएम जन आरोग्य योजना के तहत ई-श्रम पोर्टल पर स्वास्थ्य देखभाल में उनका पंजीकरण किया जाएगा।

शहरों के विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपए का शहरी चुनौती निधि बनाई गई है। 20 हजार करोड़ रूपए के परिव्यय के साथ लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों के आरएंडडी के लिए अणु ऊर्जा मिशन लॉन्च किया जाएगा। संशोधित उड़ान योजना के तहत 120 नए गंतव्यों तक क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाया जाएगा। एक लाख आवासीय इकाइयों को शीघ्र पूरा करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये स्वामिह निधि में आवंटित किए गए हैं।

निजी क्षेत्र द्वारा संचालित अनुसंधान, विकास और नवाचार पहलों के लिए 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पांडुलिपियों के सर्वेक्षण व संरक्षण के लिए ज्ञान भारत मिशन शुरू किया जाएगा। बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई है।

विभिन्न कानूनों में 100 से ज्यादा प्रावधानों को गैर-अपराधीकरण रूप देते हुए जन विश्वास विधेयक 2.0 लाया जाएगा। संशोधित आयकर रिटर्न की समयसीमा दो से बढ़ाकर चार साल की गई। टीसीएस भुगतान में देरी अब अपराध नहीं होगी। किराए पर टीडीएस की सीमा 2.4 लाख रूपए से बढ़ाकर 6 लाख रूपए कर दी गई है।

कैंसर, असाधारण रोगों और अन्य गंभीर जीर्ण रोगों के उपचार के लिए 36 जीवनरक्षक औषधियों को बुनियादी सीमा-शुल्क (बीसीडी) से छूट दी गई है। आईएफपीडी पर बीसीडी को बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया, जबकि ओपन सेल्स पर बीसीडी में 5 प्रतिशत की कमी की गई है। घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए कुछ ओपन सेल्स पर बीसीडी में छूट दी गई है।

बैट्री उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विद्युतीय वाहन और मोबाइल बैट्री उत्पादन के लिए अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं में छूट दी गई है। जहाज निर्माण में प्रयोग होने वाले कच्चे माल और घटकों पर 10 साल के लिए बीसीडी में छूट दी गई है। फ्रोजन फिश पेस्ट पर बीसीडी को 30 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया और फिश हाइड्रोलिसेट पर 15 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है।

बजट में ‘सबका विकास’ को लक्ष्य बनाते हुए गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा, सस्ती और सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, शत-प्रतिशत कुशल कामगारों के साथ सार्थक रोजगार, आर्थिक गतिविधियों में 70 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी और भारत को ‘फूड बास्केट ऑफ द वर्ल्ड’ बनाने की प्रतिबद्धता जताई गई है।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत 100 जिलों में उत्पादन वृद्धि, फसल विविधता, भंडारण बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और लघु एवं दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। दालों में आत्मनिर्भरता के लिए छह वर्षीय अभियान शुरू किया जाएगा और नेफेड व एनसीसीएफ जैसी एजेंसियां अगले चार वर्षों तक किसानों से अधिकतम स्तर पर दलहन खरीदेंगी।

एमएसएमई क्षेत्र को उच्च कुशलता, तकनीकी उन्नयन और पूंजी तक बेहतर पहुंच प्रदान करने के लिए निवेश और कुल कारोबार सीमाओं को बढ़ाया गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति की पहली बार की उद्यमी पांच लाख महिलाओं को अगले 5 वर्षों में करोड़ों रुपये तक के ऋण दिए जाएंगे।

बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार 50 वर्षों के ब्याज मुक्त ऋणों के तहत 1.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान करेगी। 10 लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्ति मौद्रिकरण योजना 2025-30 शुरू की जाएगी। जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2028 तक ग्रामीण पाइप जलापूर्ति में सुधार किया जाएगा।

निर्यात संवर्धन के लिए वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के सहयोग से निर्यात संवर्धन मिशन शुरू किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा ‘भारत ट्रेडनेट (BTN)’ विकसित किया जाएगा। उद्योग 4.0 के अवसरों का लाभ उठाने और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उद्योग को सहयोग देने की योजना है।

टैक्स सुधारों में आयकर दरों को संशोधित किया गया है। 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय (1 लाख रुपये प्रति माह) पर कोई कर नहीं होगा। वेतनभोगी करदाताओं के लिए मानक कटौती के बाद यह सीमा 12.75 लाख रुपये होगी।

संशोधित कर दरें:

  • 0-4 लाख रुपये: शून्य
  • 4-8 लाख रुपये: 5%
  • 8-12 लाख रुपये: 10%
  • 12-16 लाख रुपये: 15%
  • 16-20 लाख रुपये: 20%
  • 20-24 लाख रुपये: 25%
  • 24 लाख रुपये से अधिक: 30%

वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर कर कटौती की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की गई है। किराए पर टीडीएस की वार्षिक सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई है। टीसीएस की सीमा 10 लाख रुपये कर दी गई है।

इस बजट में सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए फेसलेस मूल्यांकन, विवाद से विश्वास योजना और करदाता चार्टर जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की दिशा में 2024-25 में राजकोषीय घाटा 4.8 प्रतिशत और 2025-26 में 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

देवभूमि खबर

Related articles