देहरादून विकास समन्वय समिति के गठन की मांग, संयुक्त नागरिक संगठन ने डीएम को सौंपे शहर सुधार के सुझाव

देहरादून। संयुक्त नागरिक संगठन, देहरादून के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) के.जी. बहल के नेतृत्व में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान से मुलाकात कर शहर की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में संगठन ने शहर के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
संगठन ने भारत सरकार की डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट, कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (DISHA) की तर्ज पर “देहरादून सिटी डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन कमेटी” के गठन की मांग उठाई। संगठन का सुझाव है कि इस समिति का नोडल अधिकारी जिलाधिकारी को बनाया जाए, ताकि नगर निगम, एमडीडीए, जल संस्थान, पेयजल निगम, यूयूएसडीए और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके तथा सड़क, सीवर, ड्रेनेज, पेयजल और अन्य विकास कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जा सकें।
बैठक में शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण, पार्किंग की कमी, नालों के अवरुद्ध होने, हरित क्षेत्रों के घटने और अव्यवस्थित शहरी विकास जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। संगठन ने सरकार से “एक खुदाई, एक शहर-योजनाएं साथ-साथ” की अवधारणा लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे सरकारी धन की बचत होगी और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने शहर में एलिवेटेड रोड निर्माण, शिक्षण संस्थानों के अवकाश समय में बदलाव, अवैध वेंडिंग प्वाइंट हटाने, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी प्रतिबंध, खराब गुणवत्ता वाले सीवर एवं पेयजल कार्यों की जांच, अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा सरकारी कार्यक्रमों में वरिष्ठ नागरिकों की नियमित भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संगठन के सुझावों को गंभीरता से सुना और विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में डॉ. बृजमोहन शर्मा, प्रदीप कुकरेती, सुशील त्यागी, ले. कर्नल बी.एम. थापा, नवीन सडाना, राजीव घनसाली, नरेशचंद्र कुलाश्री, गिरीशचंद्र भट्ट, अवधेश शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

