चकराता-पुरोला की 14 करोड़ की योजनाएं निरस्त, जन संघर्ष मोर्चा बोला– दलालों पर सरकार का करारा प्रहार
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने सरकार से सवाल किया है कि आखिर अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना विकास के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वीकृत 295 योजनाओं में से केवल चकराता क्षेत्र की 54 योजनाएं और पुरोला क्षेत्र की 28 योजनाएं ही क्यों की गईं निरस्त, जिन पर लगभग 14 करोड़ रुपए की लागत प्रस्तावित थी।
नेगी ने आशंका जताई कि इन योजनाओं की स्वीकृति संभवतः दलालों की सांठ-गांठ का नतीजा रही होगी और जब सरकार को इस गड़बड़ी की भनक लगी तो आनन-फानन में उन्हें निरस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रकरण विभागीय और बाहरी दलालों की मिलीभगत का प्रतीक है और इससे इन क्षेत्रों के वास्तविक विकास कार्यों को बड़ा झटका लगा है।
नेगी ने कहा कि इन योजनाओं के निरस्तीकरण से यह तो स्पष्ट है कि किसी बड़े घालमेल या कमीशनबाज़ी की पृष्ठभूमि रही होगी। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि जिन लोगों ने योजनाओं की स्वीकृति के लिए कथित रूप से राशि चढ़ाई, उनका क्या होगा?
मोर्चा ने सरकार से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि विभागीय तंत्र में बैठे दलालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और जनहित में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

