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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की 9.06 करोड़ की संपत्ति कुर्क

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की 9.06 करोड़ की संपत्ति कुर्क
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की रायपुर स्थित दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इन संपत्तियों का मूल्य 9.06 करोड़ रुपये बताया गया है। ईडी ने आठ अक्टूबर 2026 को कुर्की का अनंतिम आदेश जारी किया और नौ अक्टूबर को धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत रायपुर की विशेष अदालत में अग्रवाल के खिलाफ पूरक अभियोजन परिवाद दाखिल किया।

ईडी के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल को इस मामले में 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। कुर्क की गई संपत्तियां रायपुर के अनुपम नगर और कटोरा तालाब क्षेत्र में स्थित दो फ्लैट हैं। एजेंसी ने इन्हें अपराध से अर्जित आय के बराबर मूल्य की संपत्ति बताते हुए कुर्क किया है।

शराब सिंडिकेट से 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई का आरोप

ईडी की जांच रायपुर की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। प्राथमिकी में अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, कवासी लखमा और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। मामला भारतीय दंड संहिता तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं से संबंधित है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, वर्ष 2019 से 2023 के बीच एक कथित शराब सिंडिकेट ने आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) की व्यवस्था को नियंत्रित कर अवैध कमाई की। ईडी ने इस अवधि में 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अपराधजनित आय अर्जित किए जाने का दावा किया है।

एजेंसी के अनुसार, कथित अवैध कमाई के प्रमुख स्रोतों में देशी शराब की आपूर्ति पर अवैध कमीशन, सरकारी दुकानों के माध्यम से दोहरे होलोग्राम वाली बिना हिसाब की शराब की बिक्री, शराब निर्माताओं से वार्षिक कमीशन और विदेशी शराब के लिए एफएल-10ए लाइसेंस व्यवस्था का इस्तेमाल शामिल था।

राजीव भवन तक नकदी पहुंचाने का आरोप

ईडी की जांच में दावा किया गया है कि सिंडिकेट से उत्पन्न नकदी का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के माध्यम से संभाला जाता था। एजेंसी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर यह नकदी रायपुर के शंकर नगर स्थित छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय राजीव भवन पहुंचाई जाती थी।

जांच में आरोप लगाया गया है कि सिंडिकेट से जुड़े व्यक्ति नकदी लेकर राजीव भवन पहुंचते थे और वहां रामगोपाल अग्रवाल के अधीन काम करने वाले लेखाकार देवेंद्र ददसेना को रकम सौंपते थे। ईडी के अनुसार, इस माध्यम से शराब घोटाले से जुड़ी करीब 860 से 880 करोड़ रुपये की नकदी पहुंचाई गई। इसमें से लगभग 72 करोड़ रुपये रामगोपाल अग्रवाल के नियंत्रण में रहे और कथित तौर पर उनके निर्देश पर रखे गए, इस्तेमाल किए गए या वितरित किए गए।

एजेंसी ने कहा है कि सिंडिकेट के डिजिटल अभिलेखों, कॉल विवरण और धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से कथित नकदी हस्तांतरण व्यवस्था और अग्रवाल की भूमिका की पुष्टि होती है।

अब तक 610.34 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई

ईडी के अनुसार, इस मामले में पहले भी विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन परिवाद और छह पूरक अभियोजन परिवाद दाखिल किए जा चुके हैं। एजेंसी ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और चैतन्य बघेल सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।

इससे पहले मामले में 601.28 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को कुर्क, जब्त या फ्रीज किया जा चुका था। रामगोपाल अग्रवाल की 9.06 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर वर्तमान कार्रवाई के बाद कुल राशि लगभग 610.34 करोड़ रुपये हो गई है।

ईडी अब कथित अपराधजनित आय के अन्य लाभार्थियों की पहचान करने और धन के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

देवभूमि खबर

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