मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना: 11 हजार छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग, स्क्रीनिंग परीक्षा से होगा चयन
देहरादून। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना” के माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। योजना के तहत हर वर्ष 11 हजार छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार प्रतिवर्ष लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च करेगी और शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके सपनों को साकार करना है। इसके तहत राज्य विश्वविद्यालयों, शासकीय एवं अनुदानित महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को सिविल सेवा, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसमें सिविल सर्विसेज के लिए 2000, एसएससी व रेलवे के लिए 5000, बैंकिंग के लिए 2000 और कैट, मैट, गेट, नेट, सीएसआईआर जैसी परीक्षाओं के लिए 2000 छात्रों को शामिल किया जाएगा।
छात्रों का चयन जनपदवार खुली स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। योजना का लाभ अंतिम वर्ष के छात्रों के साथ-साथ पिछले एक वर्ष में स्नातक या स्नातकोत्तर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी मिलेगा। चयनित छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी, जिसमें वीडियो लेक्चर, अध्ययन सामग्री, प्रैक्टिस सेट, साप्ताहिक मॉक टेस्ट और कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध होगी।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए सचिव, उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कार्यकारिणी समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय राज्य स्तरीय स्टेयरिंग समिति का गठन किया गया है, जो नियमित समीक्षा और मूल्यांकन करेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा की प्रगति आर्थिक कारणों से न रुके। यह योजना युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

