मुख्य सचिव ने सचिवालय संघ की 23 मांगों पर की समीक्षा, कर्मचारी हितों के मामलों में कार्रवाई के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने सचिवालय संघ की 23 मांगों पर की समीक्षा, कर्मचारी हितों के मामलों में कार्रवाई के दिए निर्देश
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देहरादून। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तराखण्ड सचिवालय में सचिवालय संघ के साथ कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न लंबित एवं महत्वपूर्ण विषयों पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सचिव वित्त, सचिव सचिवालय प्रशासन, अपर सचिव राज्य सम्पत्ति, अपर सचिव कार्मिक, अपर सचिव सचिवालय प्रशासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उत्तराखण्ड सचिवालय संघ की ओर से कर्मचारी हितों से संबंधित 23 प्रमुख मांगों एवं लंबित प्रकरणों को प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से विस्तार से रखा गया। इनमें गोल्डन कार्ड की समस्याओं के स्थायी समाधान, 1 अक्टूबर 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों पर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ, गैरसैंण के लिए अतिरिक्त अनुभागों एवं पदों का सृजन, सचिवालय सेवा संवर्ग का पुनर्गठन, पदोन्नति एवं एसीपी व्यवस्था, सचिवालय विशेष भत्ता, नॉन-फंक्शनल ग्रेड वेतन, शिथिलीकरण नियमावली में संशोधन, विभिन्न संवर्गों के पुनर्गठन, राज्य सम्पत्ति विभाग के वाहन चालकों के ग्रेड वेतन का पुनरीक्षण, स्थानांतरण नीति में संशोधन, प्रतिनियुक्ति व्यवस्था तथा सचिवालय की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

मुख्य सचिव ने सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से सुनते हुए संबंधित विभागों को प्रत्येक विषय का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारी हितों से जुड़े न्यायोचित मामलों के समाधान के लिए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन देते हुए सचिवालय संघ के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की बात कही।

बैठक में सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश जोशी, महिला उपाध्यक्ष प्रमिला टम्टा, उपाध्यक्ष संजय शर्मा, महासचिव राजेन्द्र रतूड़ी, सचिव अतुल कुमार सिंह परमार, कोषाध्यक्ष रमेश वरतवाल, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र सिंह रावत, संयुक्त सचिव दिव्यांशु डोभाल, प्रचार सचिव दीपक विष्ट, संप्रेक्षक रीना मंखवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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