मुख्य सचिव ने सेलाकुई स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का किया भ्रमण, किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर

देहरादून।मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने जनपद देहरादून के सेलाकुई में स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने केन्द्र द्वारा संचालित गतिविधियों, शोध, उत्पादन एवं प्रसंस्करण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि हाई वैल्यू सगन्ध फसलों के उत्पादन एवं प्रसंस्करण से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। उन्होंने केन्द्र के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को डोर-स्टेप सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा सगन्ध पौधा केन्द्र को और अधिक सशक्त बनाया जाए, जिससे यह प्रदेशभर में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर सके।
उन्होंने सभी जनपदों में उनकी जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एरोमैटिक फसलों का चयन कर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि किसानों को सगन्ध फसलों के उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक सहयोग सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जा रहे सैटेलाइट सेंटर्स को भी शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने Perfumery and Aromatic Sector में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेशन कार्यक्रम संचालित किए जाने पर भी बल दिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों का नियमित भ्रमण कर फील्ड स्तर से फीडबैक लेने की आवश्यकता दोहराई।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अन्य विभागों द्वारा फल एवं सब्जियों से जुड़ी आजीविका योजनाओं को सगन्ध पौध उत्पादन एवं प्रसंस्करण से जोड़ा जाए। अधिक से अधिक किसानों को इस क्षेत्र से जोड़ने के लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूर्ण करने और जनपदवार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर निदेशक, सगन्ध पौधा केन्द्र डॉ. निर्पेंद्र चौहान ने बताया कि केन्द्र को खुशबूदार फसलों की मार्केटिंग के लिए एक सफल मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, जहां एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र बिजनेस इनक्यूबेटर के रूप में कार्य करता है, जो किसानों, उद्यमियों और Essential Oils Industry को सहयोग प्रदान करता है। पर्वतीय जनपदों में डिस्टिलेशन यूनिट एवं ड्रायर के लिए 75 प्रतिशत तक तथा मैदानी जनपदों में 50 प्रतिशत तक (अधिकतम ₹10 लाख) की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही 27 एसेन्शियल ऑयल्स एवं एरोमैटिक उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी निर्धारित किया गया है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल भी उपस्थित रहे।
