अंकिता भंडारी प्रकरण में उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग उठाई, सरकार पर सवाल

देहरादून। आम आदमी पार्टी की उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग के बीच सामने आए घटनाक्रम से मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की पारदर्शी जांच कर जनता के सामने सच्चाई लाई जाए।
उमा गौड़ सिसोदिया ने आरोप लगाया कि नार्को टेस्ट से पहले उर्मिला सनावर के खिलाफ दूसरे मामले में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किए जाने से नार्को टेस्ट की संभावना प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ अन्य मामले में आरोप हैं, तो कानून अपना काम करे, लेकिन गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों को लेकर उठ रहे सवालों का भी स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।
आप प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान निष्पक्ष जांच के माध्यम से होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक प्रभाव या सत्ता के कथित संरक्षण के आधार पर जांच से बचने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड की बेटी थी और उसे न्याय दिलाना पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी है। मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों का जवाब तथ्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर सामने आना चाहिए, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
उमा गौड़ सिसोदिया ने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग पर कानून के अनुरूप पारदर्शी निर्णय लिया जाए और यदि जांच को प्रभावित करने का कोई प्रयास हुआ है, तो उसकी भी जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी और सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि मामले में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का प्रयास न हो तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।


