नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थायी नियमावली की मांग तेज
देहरादून। नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने सरकार से पारदर्शी, न्यायसंगत एवं स्थायी भर्ती नियमावली बनाए जाने की मांग उठाई है। प्रेस वार्ता में कहा है कि वर्ष 2020 में लगभग 3000 पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया में सरकार की गलत नीतियों और बार-बार नियमों में बदलाव के कारण जूनियर अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी हुई।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि नर्सिंग भर्ती को वर्षवार अथवा सीनियरिटी के आधार पर संचालित किए जाने से कई योग्य उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से वंचित रह गए, जबकि कुछ अभ्यर्थियों को दो-दो बार अवसर प्राप्त हुए। इससे भर्ती प्रक्रिया में असमानता और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।
उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार द्वारा ही भर्ती नियमों में लगातार बदलाव और छेड़छाड़ की गई, इसलिए अब इसका स्थायी समाधान भी सरकार को ही करना चाहिए। अभ्यर्थियों ने मांग की कि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को स्पष्ट एवं ठोस नियमों के तहत संचालित किया जाए तथा इसे स्थायी रूप से “वर्षवार भर्ती प्रणाली” के आधार पर लागू किया जाए, ताकि प्रत्येक वर्ष के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्ष 2020 की भर्ती प्रक्रिया में जूनियर उम्मीदवारों को उचित अवसर नहीं मिल पाया, इसलिए भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के साथ इस प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समान अवसर और न्याय सुनिश्चित करने की मांग सरकार से की है।

