STF की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ में नकली दवा गिरोह का भंडाफोड़
ऑनलाइन ब्रांडेड नकली दवाओं का अंतरराज्यीय नेटवर्क ध्वस्त, 2 आरोपी गिरफ्तार; बिहार, यूपी, दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों में फैला था कारोबार
देहरादून। उत्तराखंड STF ने नकली जीवन रक्षक दवाओं के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न राज्यों में सक्रिय एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। “ऑपरेशन फेक पिल” के तहत STF की एंटी-फेक मेडिसिन कार्रवाई में ऑनलाइन माध्यम से ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाएं बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बिना लाइसेंस के नकली दवाओं की सप्लाई कर रहा था।
मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF द्वारा नकली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में गठित टीम ने बीते दो माह तक इनपुट विकसित कर ब्रांडेड कंपनियों की जीवन रक्षक दवाओं की हूबहू नकल तैयार कर ऑनलाइन बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया।
STF जांच में सामने आया कि गिरोह फेसबुक पेज “एसके हेल्थ केयर” के जरिए नामी कंपनियों की नकली दवाएं आधे से भी कम कीमत पर बेच रहा था। जांच में Sun Pharma, Mankind, Zydus, Glenmark, Torrent, Macleods सहित कई ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली दवाओं की बिक्री का खुलासा हुआ। आरोपी असली कंपनियों की पैकेजिंग और दस्तावेजों की नकल कर नकली दवाएं तैयार करते थे और उन्हें ऑनलाइन बेचते थे, जिससे मानव जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था।
इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में संगठित अपराध, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र, कॉपीराइट उल्लंघन और आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। STF ने गिरोह के दो सदस्यों जतिन सैनी निवासी संभल (उत्तर प्रदेश) तथा गौरव त्यागी निवासी जीएमएस रोड देहरादून (मूल निवासी मेरठ) को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में आरोपी गौरव त्यागी ने खुलासा किया कि वह पहले रुड़की में नकली दवा फैक्ट्री संचालित करता था, जो पकड़ी जा चुकी है। वर्तमान में वह भगवानपुर क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ अलग-अलग ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली दवाएं तैयार कर रहा था, जबकि कोटद्वार सिडकुल क्षेत्र की एक बंद फैक्ट्री का भी इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर उत्पादन के लिए किया जाता था। STF ने संबंधित फैक्ट्री को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है तथा फोरेंसिक टीम को भी जांच में लगाया गया है।
STF ने फर्जी ग्राहक बनकर ऑनलाइन ऑर्डर किया, जिसके बाद Mankind कंपनी की Gudcef Plus और Sun Pharma की Tydol-100 नाम से नकली दवाएं कोरियर के जरिए गया और वाराणसी से देहरादून भेजी गईं। इन्हें बरामद कर जांच में शामिल किया गया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी सिम के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे और कई राज्यों में दवा विक्रेताओं को कम कीमत का लालच देकर नकली दवाएं बेचते थे। गौरव त्यागी के खिलाफ हरिद्वार, देहरादून और महाराष्ट्र में नकली दवाओं से जुड़े तीन अन्य मुकदमे भी दर्ज बताए गए हैं।
STF ने आम जनता और दवा विक्रेताओं से अपील की है कि बिना बिल दवा न खरीदें, दवा के बैच नंबर का मिलान करें और अत्यधिक छूट के लालच में संदिग्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दवा खरीदने से बचें। नकली दवा कारोबार की सूचना STF हेल्पलाइन 0135-2656202 और 9412029536 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

