पहले लगते थे 22 रुपये, अब वसूले जा रहे 47 रुपये । 1 अक्टूबर 2025 से केंद्र सरकार ने लागू किए नए रेट । जनता बोली – डाक मूल्य बढ़ाना सरेआम लूट के बराबर
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने केंद्र सरकार पर डाक सेवाओं के शुल्क में अप्रत्याशित बढ़ोतरी को लेकर कड़ा प्रहार किया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पोस्ट एवं टेलीग्राफ विभाग ने रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट की दरों में भारी बढ़ोतरी कर आम जनता पर बोझ डालने का काम किया है।
नेगी ने बताया कि पहले जिन डाक पत्रों की रजिस्ट्री मात्र 22 रुपये में होती थी, अब उसी पर 47 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसी प्रकार, 27 रुपये लगने वाले पत्रों पर अब 74 रुपये वसूल किए जा रहे हैं। 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुई इस नई व्यवस्था में निश्चित दूरी से अधिक व अधिक वजन वाले पत्रों पर भी भारी-भरकम शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार 2–3 रुपये बढ़ाती तो आपत्ति नहीं होती, लेकिन दामों को ढाई गुना बढ़ाना जनता के साथ सरासर अन्याय और लूट है।
मोर्चा अध्यक्ष नेगी ने कहा कि इससे पहले केंद्र सरकार ने जीएसटी के नाम पर देश की जनता और व्यापारियों को लूटा था और अब डाक सेवाओं के नाम पर लूट का नया अध्याय शुरू कर दिया गया है। यह वही जीएसटी है, जिसने लाखों व्यापारियों को बर्बाद किया और अब आम जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और मजहब के नाम पर दिए गए वोटों की कीमत आज आम जनता को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट पर लगाए गए बढ़े हुए शुल्क को तत्काल वापस लिया जाए और जनता को राहत दी जाए।

