उत्तराखंड में पहली बार! हल्द्वानी में एशियन कैडेट फेंसिंग कप का भव्य आगाज़ – 17 देशों के खिलाड़ी आज़माएंगे दम
हल्द्वानी। देवभूमि उत्तराखंड ने खेलों के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए शुक्रवार को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर की एशियन कैडेट फेंसिंग कप प्रतियोगिता की मेजबानी की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में दीप प्रज्वलित कर इस भव्य आयोजन का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेलों में अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच न केवल उन्हें ऊंचाइयों तक ले जाती है, बल्कि समाज में भी आदर्श स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, खेल किट योजना जैसी योजनाओं के साथ-साथ खेल कोटे को पुनः लागू कर रही है। हाल ही में राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान हासिल किया है, जो राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। उन्होंने जोर दिया कि आने वाले समय में फेंसिंग भी तीरंदाजी, शूटिंग और जैवलिन थ्रो की तरह भारत का परचम अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर लहराएगी।
इस 5 दिवसीय प्रतियोगिता में भारत सहित 17 देशों के 250 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें तजाकिस्तान, सीरिया, मलेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया आदि शामिल हैं। भारत से करीब 150 खिलाड़ी बालक व बालिका वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय फेंसिंग महासंघ के महासचिव राजीव मेहता ने आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, राम सिंह कैड़ा, प्रमोद नैनवाल, महेश नेगी, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, देश-विदेश से आए खिलाड़ी और खेलप्रेमी मौजूद रहे।

