डाकघर में 15.27 लाख रुपये के गबन के मामले में पूर्व उप डाकपाल को तीन साल की सजा

गाजियाबाद। सीबीआई की विशेष अदालत ने डाकघर में धनराशि के गबन के मामले में तत्कालीन उप डाकपाल वेद प्रकाश पांडेय को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला 23 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।
मामला उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित बेग मुजफ्फर खान डाकघर से जुड़ा है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 17 दिसंबर 2008 को तत्कालीन उप डाकपाल वेद प्रकाश पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि 51 जमाकर्ताओं ने डाकघर में मासिक आय योजना (एमआईएस) और समय जमा योजना (टीडीएस) के खाते खुलवाए थे। इन खातों में शुरुआती धनराशि तत्कालीन उप डाकपाल को सौंपी गई थी। इसके बदले उन्होंने खाताधारकों को खाता संख्या वाली नई पासबुक जारी की थीं, जिनमें जमा धनराशि की प्रविष्टियां उनके हस्ताक्षर से दर्ज थीं।
जांच में आरोप सामने आया कि आरोपी ने जमा धनराशि का विवरण केवल पासबुक और बहीखातों में दर्ज किया, जबकि लेनदेन की सूची और दैनिक लेखा सारांश सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों में इसका उल्लेख नहीं किया। इन अभिलेखों के माध्यम से प्रतिदिन के जमा-निकासी विवरण की सूचना प्रधान डाकघर को दी जाती है और उनका मिलान किया जाता है।
सीबीआई के अनुसार, इस तरीके से आरोपी ने 15 लाख 27 हजार रुपये की धनराशि का कथित रूप से गबन कर डाक विभाग को आर्थिक नुकसान पहुंचाया और स्वयं अनुचित लाभ प्राप्त किया।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 30 सितंबर 2009 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई और विचारण के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।


