कैंसर इंजेक्शन महंगे देने पर घिरा हिमालयन हॉस्पिटल, 24 घंटे में झुका प्रबंधन—मोर्चा की बड़ी जीत
विकासनगर। देहरादून के जॉली ग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों को महंगे इंजेक्शन देने के मामले में 24 घंटे के भीतर अस्पताल प्रबंधन को बैक फुट पर आना पड़ा। जन संघर्ष मोर्चा के विरोध के बाद अस्पताल ने अपनी पूर्व व्यवस्था बहाल करते हुए बाहर से लाए गए या स्कीम में उपलब्ध सस्ते इंजेक्शन लगाने की अनुमति दे दी है।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि अस्पताल प्रबंधन स्तन कैंसर (मेटास्टैटिक HER-2 पॉजिटिव) मरीजों को केवल अस्पताल से उपलब्ध कराए गए इंजेक्शन ही लगवाने के लिए बाध्य कर रहा था। यह इंजेक्शन अस्पताल में 68-70 हजार रुपये में दिया जा रहा था, जबकि वही दवा बाजार में 32-34 हजार रुपये में स्कीम के तहत उपलब्ध थी।
उन्होंने बताया कि मोर्चा द्वारा इस “लूट” के खिलाफ आवाज उठाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है। अब मरीज बाहर से खरीदे गए या योजना के तहत मिलने वाले सस्ते इंजेक्शन अस्पताल में लगवा सकेंगे।
मोर्चा ने इस निर्णय को अपनी बड़ी जीत बताते हुए अस्पताल प्रबंधन का आभार भी जताया है। इस फैसले से कैंसर पीड़ित मरीजों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार और भीम सिंह बिष्ट भी उपस्थित रहे।

