धामी कैबिनेट के अहम फैसले: सहकारिता नीति से लेकर उपनल कर्मियों के समान वेतन तक कई बड़े निर्णय

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, सहकारिता, स्वास्थ्य, कार्मिक, शहरी विकास, ऊर्जा और सैनिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही उपनल कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन देने की प्रक्रिया को तीन चरणों में लागू करने पर सहमति दी।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 प्रख्यापित करने का निर्णय लिया। नई नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, उत्तरदायी, तकनीक-सक्षम और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना है। नीति में सात रणनीतिक मिशन निर्धारित किए गए हैं, जिनमें सहकारी संस्थाओं का सशक्तीकरण, नवाचार एवं भविष्य की तैयारी, समावेशिता का विस्तार, नए क्षेत्रों में सहकारिता का विस्तार, युवा पीढ़ी को सहकारिता से जोड़ना तथा आर्थिक व्यवहार्यता एवं विविधीकरण शामिल हैं।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियम-2016 की अनुसूची-1 में वेतन मैट्रिक्स के लेवल में संशोधन को मंजूरी दी। लेवल-13क के बाद वर्तमान में अंकित लेवल-15 के स्थान पर लेवल-14 तथा लेवल-16 के स्थान पर लेवल-15 माना जाएगा। इसके अनुरूप विभागीय पदीय संरचनाओं एवं सेवा नियमावलियों में भी आवश्यक संशोधन किया जाएगा।
कैबिनेट ने मोटरयान कराधान व्यवस्था के तहत ग्रीन सेस में दी जा रही छूट को समाप्त करने तथा सीएनजी वाहनों को भी क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने के प्रस्ताव पर निर्णय लिया। सरकार का तर्क है कि वर्तमान परिस्थितियों में हाईब्रिड और सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ने से राजस्व पर प्रभाव पड़ रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण फैसले
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग समूह क, ख एवं ग सेवा नियमावली-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी। इसके साथ ही औषधियों, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण एवं इंप्लांट्स की समयबद्ध और पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की।
इसके अलावा राज्य में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि को 99 वर्ष की लीज पर एक रुपये में दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे राज्य में रोग निगरानी, महामारी की जांच और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उपनल कर्मियों को लेकर रहा। मंत्रिमंडल ने समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में दिए जाने पर सहमति प्रदान की है। प्रथम चरण में 1 जनवरी 2016 से पूर्व नियोजित कर्मियों के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। द्वितीय चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन के लिए विचार किया जाएगा, जिसकी कार्रवाई 9 नवंबर 2026 से शुरू होगी। तृतीय चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त उपनल कर्मियों के लिए प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से प्रारंभ की जाएगी।
कैबिनेट ने कृत्रिम सेवा व्यवधानों के संबंध में निरंतर नियोजित रहने की शर्त को हटाते हुए 1 जनवरी 2016 से पूर्व कार्यरत और वर्तमान में भी सेवा दे रहे उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ते का लाभ देने पर भी सहमति दी। अतिरिक्त उपनल कर्मियों के समायोजन, स्वीकृत पदों के सापेक्ष वरीयता तथा आवश्यकता पड़ने पर अधिसंख्य पदों के सृजन के लिए शासन स्तर पर समिति गठित की जाएगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। इसके प्रभावी संचालन के लिए संविदा के आधार पर छह पद सृजित किए जाएंगे, जिनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद शामिल है।
कैबिनेट ने राज्य के शहीद सैनिकों के सम्मान में उनके पैतृक गांवों में उनकी मूर्तियां स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य शहीदों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। इस पहल के माध्यम से शहीद सैनिकों की स्मृतियों को जीवंत रखने के साथ युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
शहरी विकास और भूमि अभिलेखों से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने रिस्पना नदी किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित लाभार्थियों को काठबंगला में निर्मित 116 आवास आवंटित करने पर सहमति दी। वहीं शहरी क्षेत्रों के आधुनिक भूमि सर्वेक्षण और डिजिटल भू-अभिलेख तैयार करने के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 के प्रख्यापन का निर्णय लिया गया।
यूयूएसडीए के ढांचे के पुनर्गठन के तहत विभिन्न नगर निकायों में चल रही सीवरेज, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन और अन्य परियोजनाओं के सुचारु संचालन के लिए कुल 94 अस्थायी गैर-संवर्गीय पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।
ऊर्जा क्षेत्र में 1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली आपूर्ति के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा अडानी पावर लिमिटेड से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बिजली की खरीद 25 वर्षों के लिए ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर की जाएगी। यूपीसीएल को बिजली आपूर्ति समझौते (PSA) सहित आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और नियामक आयोग से वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
इसके अलावा कारागार विभाग में उप कारापाल के पदों पर पदोन्नति कोटे में प्रधान बंदीरक्षक और महिला बंदीरक्षक के लिए निर्धारित अनुपात में संशोधन, लोकायुक्त खोजबीन समिति के लिए नियमावली-2026, उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कार्मिकों के सेवा स्थानांतरण, अंत्योदय फाउंडेशन को धर्मार्थ कार्य के लिए स्टांप शुल्क में छूट तथा उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम-2026 के प्रख्यापन सहित अन्य प्रस्तावों पर भी मंत्रिमंडल ने निर्णय लिए।
