‘मिशन ड्रग्स फ्री देवभूमि’ को मिलेगी नई गति, नशा मुक्त उत्तराखण्ड के लिए राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू

‘मिशन ड्रग्स फ्री देवभूमि’ को मिलेगी नई गति, नशा मुक्त उत्तराखण्ड के लिए राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू
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हेदेहरादून। ‘नशा मुक्त उत्तराखण्ड’ विजन को साकार करने की दिशा में उत्तराखण्ड पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस विभाग, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और नशा मुक्ति केंद्रों के संचालकों की संयुक्त गोष्ठी आयोजित की।

पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर/एएनटीएफ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने तथा नशे के विरुद्ध प्रभावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

गोष्ठी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सामान्य जीवन की मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास तेज किए जाएं।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता और जनसहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत रैलियां, सेमिनार, कार्यशालाएं, नुक्कड़ नाटक, हस्ताक्षर अभियान, ई-प्रतिज्ञा अभियान और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

12 जून से 26 जून तक मनाए जा रहे ‘नशामुक्त भारत पखवाड़ा’ के अंतर्गत विद्यालयों और महाविद्यालयों में निबंध, चित्रकला प्रतियोगिता, प्रदर्शनी और नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा थाना स्तर पर भी नशा विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए ऑडियो संदेशों और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।

उत्तराखण्ड पुलिस ने बताया कि मिशन ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ के तहत प्रत्येक थाना क्षेत्र में कम से कम एक स्थान पर नशा विरोधी पूर्व रिकॉर्डेड संदेशों का नियमित प्रसारण किया जाएगा। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को ई-प्रतिज्ञा अभियान से जोड़कर नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
गोष्ठी में भारत सरकार की राष्ट्रीय डी-एडिक्शन हेल्पलाइन 14446 तथा मानस हेल्पलाइन 1933 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया, ताकि नशे से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिजनों को निःशुल्क परामर्श एवं सहायता उपलब्ध हो सके।

उत्तराखण्ड पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस जन-अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और नशा मुक्त उत्तराखण्ड तथा नशा मुक्त भारत के संकल्प को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

देवभूमि खबर

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