नैनीताल जिला पंचायत चुनाव: भाजपा की दीपा दरमवाल बनीं अध्यक्ष, कांग्रेस की देवकी बिष्ट उपाध्यक्ष, जुलूस पर रोक

नैनीताल जिला पंचायत चुनाव: भाजपा की दीपा दरमवाल बनीं अध्यक्ष, कांग्रेस की देवकी बिष्ट उपाध्यक्ष, जुलूस पर रोक
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रिपोर्ट: ललित जोशी

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर चल रही खींचतान और विवादों के बीच आखिरकार मंगलवार को नतीजों की औपचारिक घोषणा की गई। भाजपा प्रत्याशी दीपा दरमवाल एक वोट से विजयी घोषित की गईं और जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। वहीं उपाध्यक्ष पद पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी दोनों को बराबर मत मिले, जिसके बाद टॉस के जरिए कांग्रेस प्रत्याशी देवकी बिष्ट को विजयी घोषित किया गया।

इससे पहले यह चुनाव विवादों में घिरा रहा था। बीते 14 अगस्त को हुए मतदान में 27 सदस्यों में से केवल 22 सदस्य ही वोट डाल पाए थे। जबकि शेष 5 सदस्यों को लेकर कांग्रेस ने अपहरण की आशंका जताई थी और मामला अदालत तक पहुँचा था। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने लापता सदस्यों की खोज शुरू की, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिलने पर चुनाव को शाम 5 बजे रोकना पड़ा। देर रात मतगणना तो हुई, लेकिन परिणामों को सुरक्षित रख लिया गया था।

आज जब परिणाम घोषित हुए तो भाजपा की दीपा दरमवाल को 11 मत मिले, कांग्रेस की पुष्पा नेगी को 10 मत मिले और एक मत रद्द हो गया। इस प्रकार दीपा दरमवाल एक वोट से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर विजयी हुईं। वहीं उपाध्यक्ष पद पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी को समान मत मिलने से स्थिति बराबरी पर रही। ऐसे में नियमों के तहत टॉस कराया गया, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी देवकी बिष्ट के पक्ष में नतीजा आया और उन्हें उपाध्यक्ष घोषित कर दिया गया।

चुनाव परिणाम घोषित होते ही जिला प्रशासन ने साफ निर्देश दिए कि विजयी प्रत्याशी किसी भी प्रकार का जुलूस या विजय जुलूस नहीं निकालेंगे। प्रशासन ने इसे लेकर सतर्कता बरतने के आदेश जारी किए।

इसी बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत के अधिवक्ता रविन्द्र सिंह बिष्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उनका कहना है कि जिस प्रकार पुलिस सदस्यों की तलाश में निष्प्रभावी रही, वह स्वीकार्य नहीं है।

इस प्रकार लंबे समय से चल रही जद्दोजहद और विवादों के बीच नैनीताल जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तस्वीर मंगलवार को साफ हो गई। भाजपा ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया, तो कांग्रेस उपाध्यक्ष पद जीतने में सफल रही।

देवभूमि खबर

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