टिहरी में रात्रि चौपाल: ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं, कई का हुआ समाधान
टिहरी।राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी के निर्देशन में विभिन्न ग्राम पंचायतों में रात्रि चौपालों का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया।
अपर जिलाधिकारी ए.के. पाण्डेय ने टिहरी तहसील के नागराजा धार के सुनार गांव में चौपाल लगाई। इस चौपाल में कृषि, विद्युत, लोक निर्माण, मनरेगा और उरेडा से जुड़ी 35 समस्याएं सामने आईं। इनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
देवलकंडी में आयोजित दूसरी रात्रि चौपाल में 100 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
तीसरी चौपाल ग्राम पंचायत सोड़ में आयोजित हुई। इसमें पशुपालन, कृषि, सिंचाई, उद्यान, खाद्य एवं आपूर्ति, और बाल विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
इस चौपाल में सबसे अधिक शिकायतें पानी और मेडिकल सुविधाओं से जुड़ी रहीं। कुल 10 शिकायतों में से 7 का मौके पर समाधान कर दिया गया, जबकि 3 शिकायतें संबंधित विभागों को भेज दी गईं।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डी.के. शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित चौथी चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, आवास, किसान पेंशन, सिंचाई और सोलर लाइट से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
गांव के लोगों ने पॉली हाउस लगाने और फलदार वृक्ष उपलब्ध कराने की मांग की, जिस पर उद्यान विभाग ने मानसून सत्र में वृक्ष उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने सोलर पंपिंग टैंक की पाइपलाइन तोड़े जाने की शिकायत की, जिस पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा, गांव में आंगनबाड़ी, टीकाकरण और राशन वितरण की सुविधा नियमित रूप से संचालित होने की पुष्टि हुई।
डीईओ माध्यमिक वी.पी. सिंह की अध्यक्षता में ग्राम खोंगचा में पांचवी रात्रि चौपाल आयोजित हुई, जिसमें 45 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया।
इस चौपाल में ग्रामीणों की मुख्य समस्या पेयजल से जुड़ी रही, जिसके समाधान के लिए टैंक निर्माण की मांग रखी गई। इसके अलावा, सड़क निर्माण और एक बुजुर्ग महिला के लिए आर्थिक सहायता की भी मांग उठी।

