पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन होगा तेज, एनएमओपीएस ने जुलाई से नवंबर तक चरणबद्ध कार्यक्रमों का किया ऐलान
देहरादून। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) उत्तराखण्ड की प्रांतीय कार्यकारिणी ने पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली को लेकर आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जुलाई से नवंबर 2026 तक प्रदेशभर में चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह निर्णय प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली की अध्यक्षता में जूम गूगल मीट के माध्यम से आयोजित बैठक में लिया गया।
बैठक का संचालन प्रांतीय महासचिव इंजीनियर मुकेश रतूड़ी और प्रांतीय कोषाध्यक्ष इंजीनियर शांतनु शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। महासचिव मुकेश रतूड़ी ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी और शिक्षक वर्तमान में जनगणना तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे राष्ट्रीय दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं, इसके बावजूद उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आंदोलन की चरणबद्ध रूपरेखा तैयार की गई है।
निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार 25 जुलाई 2026 को सभी जनपद मुख्यालयों में प्रकाश जुलूस निकाला जाएगा, जबकि 8 अगस्त को एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित होगा। 20 जून से 15 सितंबर तक जनपद स्तर पर विधायकों और सांसदों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। सितंबर में कुमाऊं मंडल स्तरीय रैली, 10 अक्टूबर को हस्ताक्षर अभियान तथा 14 नवंबर को देहरादून में प्रांतीय रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा आगामी विधानसभा सत्र के दौरान पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।
बैठक में संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया। सुनील गुसाईं को प्रांतीय संगठन मंत्री, हेमलता कजालिया को महिला प्रांतीय संगठन मंत्री, दीपेंद्र रावत को देहरादून प्रभारी तथा अन्य पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्रदेश के विभिन्न जिलों और मंडलों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
गढ़वाल मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा और महामंत्री देवेंद्र फरस्वाण ने कहा कि मंडल स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर सभी कार्यक्रमों को सफल बनाया जाएगा। उन्होंने 22 जून को टीईटी अनिवार्यता के विरोध में होने वाले प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों के आंदोलन को भी एनएमओपीएस का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारी संगठनों से पूर्व की भांति सहयोग देने की अपील करते हुए कर्मचारियों से तन, मन और धन से आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।

