एक राष्ट्र, एक चुनाव” दूर की कौड़ी, लोकतंत्र के लिए घातक : गरिमा मेहरा दसौनी

एक राष्ट्र, एक चुनाव” दूर की कौड़ी, लोकतंत्र के लिए घातक : गरिमा मेहरा दसौनी
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देहरादून।उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने एक राष्ट्र, एक चुनाव के विचार को अव्यावहारिक और लोकतंत्र के लिए हानिकारक बताते हुए इसे दूर की कौड़ी करार दिया है। उनका यह बयान संविधान संशोधन विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के उत्तराखंड दौरे के दौरान आया।

दसौनी ने कहा कि यह व्यवस्था देश को लाभ से अधिक नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या, संविधानिक ढांचा और राज्यों की स्वायत्तता को देखते हुए यह व्यवस्था लागू करना न केवल कठिन है, बल्कि संघीय ढांचे पर सीधा आघात है।

दसौनी ने स्पष्ट किया कि भारत का संविधान केंद्र और राज्यों को स्वतंत्र शासन का अधिकार देता है। यदि सभी चुनाव एक साथ कराए जाते हैं तो यह राज्यों के कार्यकाल में हस्तक्षेप होगा और संवैधानिक संकट उत्पन्न कर सकता है, विशेषकर तब जब किसी राज्य सरकार का कार्यकाल असमय समाप्त हो जाए।

उन्होंने चिंता व्यक्त की कि एक साथ चुनाव होने से राष्ट्रीय मुद्दे हावी हो जाएंगे और स्थानीय समस्याएं तथा जनप्रतिनिधियों का मूल्यांकन गौण हो जाएगा। इससे मतदाता भ्रमित हो सकते हैं और वास्तविक जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति बाधित होगी।

गरिमा दसौनी ने इस प्रणाली को लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि इससे विपक्षी दलों को समान प्रचार और पहुंच के अवसर नहीं मिल पाएंगे। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के पास संसाधन और प्रचार शक्ति अधिक होती है, जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होगी।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे विविधता से भरे देश में एकरूप चुनाव प्रणाली से राज्यों की राजनीतिक और सांस्कृतिक विशेषताएं दब जाएंगी, जो लोकतांत्रिक विविधता को प्रभावित करेगी।

दसौनी ने आशंका जताई कि एक साथ चुनाव कराने से चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों और प्रशासन पर अत्यधिक दबाव पड़ेगा, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना कठिन हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं को एक साथ केंद्र और राज्य के लिए वोट देने की स्थिति में भ्रम की आशंका बनी रहती है और यह सत्तावादी प्रवृत्तियों को बल भी दे सकता है।

दसौनी ने अंत में कहा कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” व्यवस्था स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा और विविधता के लिए गंभीर खतरा  बन सकती है।

देवभूमि खबर

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